विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यदि पाकिस्‍तानी प्रांत बनेगा गिलगित-बाल्‍टिस्‍तान तो PoK करेगा जमकर विरोध

By Monika minalEdited By:
Published: Thu, 16 Mar 2017 12:35 PM (IST)Updated: Thu, 16 Mar 2017 04:53 PM (IST)

गिलगित बाल्‍टिस्‍तान को पाकिस्‍तानी क्षेत्र घोषित करने पर पाक अधिकृत कश्‍मीर में जमकर विरोध होगा।

यदि पाकिस्‍तानी प्रांत बनेगा गिलगित-बाल्‍टिस्‍तान तो PoK करेगा जमकर विरोध
यदि पाकिस्‍तानी प्रांत बनेगा गिलगित-बाल्‍टिस्‍तान तो PoK करेगा जमकर विरोध

जेनेवा (एएनआई)। गिलगित-बाल्‍टिस्‍तान क्षेत्र को अपने पांचवें प्रांत के तौर पर घोषित करने की पाकिस्‍तान की योजना पर बलूच नेताओं ने इस्‍लामाबाद को गंभीर परिणामों भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा कि इससे पाक अधिकृत कश्‍मीर के लोगों द्वारा भारी विरोध होगा।

एएनआई से बात करते हुए यूनाइटेड कश्‍मीर पीपुल्‍स नेशनल पार्टी के विदेश मामलों के सचिव जमाल मकसूद ने कहा, 'पाकिस्तान की योजना हर स्तर पर अवास्तविक है क्योंकि इस मामले में स्थानीय सहमति की जरूरत है, जिसे वे कभी नहीं प्राप्त कर सकते है।'

मकसूद ने कहा, 'गिलगित-बाल्टिस्तान, जहां की 20 लाख की जनसंख्‍या जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, इन्‍हें राज्य के बाकी हिस्सों से अलग नहीं किया जा सकता है। बिना स्‍थानीय सहमति के पाकिस्तान इसका विलय नहीं कर पाएगा, यह असंभव लग रहा है।'

भारत को सभी प्लेटफार्मों पर इस बात को उजागर करने की पेशकत करते हुए बलूच नेता ने कहा कि पाक अधिकृत कश्‍मीर के लोग पहले से ही इस मामले पर क्रोध और चिंता दिखा चुके हैं, लेकिन अगर यह लागू हो जाता है तब लोग सभी स्तरों पर इसका विरोध करेंगे।

गिलगित-बाल्‍टिस्‍तान क्षेत्र उत्‍तरी हिस्‍सा है जो विवादित पाक अधिकृत कश्‍मीर का सीमा है। पाकिस्‍तान के चार प्रांत- बलूचिस्‍तान, खैबर पख्‍तून्‍वा, पंजाब और सिंध हैं। हालांकि गिलगित बाल्‍टिस्‍तान को भारत अपना हिस्‍सा बताता है। यह क्षेत्र पाकिस्‍तान और चीन दोनों ही देशों के लिए लाभकारी है, क्‍येांकि इस क्षेत्र से 4600 करोड़ डॉलर की लागत वाला चीन-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपैक) गुजरता है।

यह भी पढ़ें: जानिए, गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाक की कौन सी चाल ने बढ़ाई भारत की चिंता