पाक से परमाणु हथियार की तकनीक हासिल करने की जुगत में था ईरान
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अयातुल्ला अकबर हाशमी रफसंजानी ने देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उनके मुताबिक पाकिस्तान से परमाणु हथियार की तकनीक हासिल करने के सिलसिले में उन्होंने परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान से मिलने की असफल कोशिश की थी।
दुबई। ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अयातुल्ला अकबर हाशमी रफसंजानी ने देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उनके मुताबिक पाकिस्तान से परमाणु हथियार की तकनीक हासिल करने के सिलसिले में उन्होंने परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान से मिलने की असफल कोशिश की थी।
सद्दाम हुसैन की ओर से परमाणु हमले की आशंका को देखते हुए ईरान ने वर्ष 1980 में परमाणु हथियार बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। रफसंजानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों के साथ जुलाई में संपन्न करार को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) इस बात की जांच कर रही है कि अतीत में तेहरान का परमाणु कार्यक्रम सैन्य उद्देश्य के लिए था या नहीं। एजेंसी 15 दिसंबर को रिपोर्ट जारी करने वाली है। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बताता रहा है।
एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में पूर्व राष्ट्रपति ने बताया कि परमाणु हथियार की तकनीक हासिल करने के लिए उन्होंने पाकिस्तान यात्रा के दौरान एक्यू खान से मिलने की असफल कोशिश की थी। पाकिस्तानी परमाणु हथियार कार्यक्रम के जनक खान ने वर्ष 2004 में ईरान, उत्तर कोरिया और लीबिया को परमाणु तकनीक बेचने की बात कबूल की थी।
इराक से था डर
रफसंजानी के मुताबिक इराक से आठ वर्षीय युद्ध के दौरान (1980-88) परमाणु हमले की आशंका के तहत ईरान ने परमाणु हथियार विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन वह योजना हकीकत में तब्दील नहीं हो सकी थी।
उनके अनुसार युद्ध के दौरान इराक परमाणु हथियार बनाने के काफी करीब पहुंच गया था, लेकिन इजरायल ने वर्ष 1981 में ओसीरक परमाणु संयंत्र को तबाह कर दिया था। ऐसे में सद्दाम हुसैन की योजना धरी की धरी रह गई थी। रफसंजानी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई का उत्तराधिकारी माना जा रहा है।
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