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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तर कोरिया ने माना, जापान के ऊपर से दागी मिसाइल

By Pratibha Kumari Edited By:
Published: Wed, 30 Aug 2017 09:32 AM (IST)Updated: Wed, 30 Aug 2017 10:52 AM (IST)

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने अपने आक्रामक रवैये से अमेरिका और उसके करीबी सहयोगी को स्पष्ट कर दिया है कि वॉर गेम में वह पीछे नहीं हटेगा।

उत्‍तर कोरिया ने माना, जापान के ऊपर से दागी मिसाइल
उत्‍तर कोरिया ने माना, जापान के ऊपर से दागी मिसाइल

सियोल, एएफपी। उत्‍तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए सिर दर्द बन गया है। खास तौर से अमेरिका के लिए, राष्‍ट्रपति डाेनाल्‍ड ट्रंप की धमकी भी बेअसर साबित हुई है। अपने रुख पर अड़े उत्‍तर कोरिया ने मंगलवार को भी एक और परीक्षण किया, मगर इस बार मिसाइल जापान के ऊपर से होते हुए उत्‍तरी प्रशांत महासागर में जा गिरी। इस हरकत से जापान में तनाव बढ़ गया है।

वहीं आज उत्‍तर कोरिया ने भी यह बात स्‍वीकार कर ली कि उसने मंगलवार को जापान के ऊपर से एक मिसाइल दागी थी। पहली बार उसने ऐसा करने की बात मानी है। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने बताया कि नेता किम जोंग उन की निगरानी में छोड़ी गई ह्वासॉन्ग-12 मिसाइल जापान के होकाइडो और केप एरिमो के ऊपर से गुजरती हुई पूर्व निर्धारित लक्ष्‍य उत्‍तरी प्रशांत महासागर में जा गिरी।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने अपने आक्रामक रवैये से अमेरिका और उसके करीबी सहयोगी को स्पष्ट कर दिया है कि वॉर गेम में वह पीछे नहीं हटेगा। उधर, उत्‍तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने अमेरिका से उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाने को कहा है। उन्‍होंने कहा कि जापानी लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

सियोल के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टॉफ ने बताया कि उत्‍तर कोरिया की इस मिसाइल ने 2,700 किलोमीटर की दूरी तय की और 550 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक गई। मिसाइल को उत्तरी जापान के होकाइदो आइसलैंड के ऊपर से दागा गया। माना जा रहा है कि 2009 के बाद यह पहली बार है, जब उत्‍तर कोरिया की मिसाइल ने जापान को पार किया है।

आपको बता दें कि इस साल उत्‍तर कोरिया ने लगातार और तेजी से मिसाइल परीक्षण किए हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि उत्तरी कोरिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने से पहले ऐसा हथियार हासिल कर सकता है, जिसके जरिए वह अमेरिका को निशाना बना सकता है। हाल ही में अमेरिकी पैसिफिक क्षेत्र के गुआम द्वीप पर मिसाइल हमले की धमकी दी गई थी।

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