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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नासा को पता था नहीं बचेंगे कल्पना व उनके साथी

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Published: Sat, 02 Feb 2013 02:32 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 02 Feb 2013 10:53 PM (GMT+05:30)

फ्लोरिडा। अंतरिक्ष से लौटने के दौरान पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय पहली फरवरी, 2003 को दुर्घटनाग्रस्त हुए कोलंबिया ...और पढ़ें

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फ्लोरिडा। अंतरिक्ष से लौटने के दौरान पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय पहली फरवरी, 2003 को दुर्घटनाग्रस्त हुए कोलंबिया यान की गड़बड़ी के बारे में नासा को पहले ही पता चल गया था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों ने उड़ान भरते समय ही पकड़ लिया था कि यान के बाएं पंख का थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम [टीपीएस] क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्हें अंदेशा हो गया था कि भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला समेत उनके सात साथी अब धरती पर सुरक्षित वापसी नहीं कर पाएंगे। काफी जद्दोजहद के बाद नासा के कंट्रोल मिशन ने संभावित खतरे के प्रति अंतरिक्ष यात्रियों को आगाह नहीं करने का फैसला किया।

अंतरिक्ष शटल कोलंबिया के प्रोग्राम मैनेजर रहे वायने हेल ने घटना के दस बाद अपने ब्लॉग के जरिये यह सच्चाई उजागर की है। बकौल हेल, 'मिशन मैनेजमेंट टीम [एमएमटी] की बैठक में उड़ान निदेशक जॉन हार्पोल्ड ने यानी की गड़बड़ी को लेकर हमें विस्तार से जानकारी दी। निदेशक ने कहा था कि टीपीएस की खराबी को हम ठीक नहीं कर सकते। अगर यह क्षतिग्रस्त हो गया है तो इसके बारे में उन्हें [अंतरिक्षयात्रियों को] न बताना ही श्रेयस्कर होगा।' हेल ने ब्लॉग में आगे लिखा है, 'हार्पोल्ड चाहते थे कि खतरे से बेपरवाह होकर अंतरिक्ष यात्री खुशी-खुशी मिशन का आनंद लें और धरती की कक्षा में प्रवेश के दौरान अप्रत्याशित रूप से मौत के शिकार हो जाएं।'

प्रोग्राम मैनेजर के अनुसार एमएमटी की बैठक में सभी विकल्पों पर विचार के बाद ही अंतरिक्ष यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ने का फैसला किया गया। इस बात पर भी चर्चा हुई थी कि क्या उन्हें ऑक्सीजन खत्म होने तक अंतरिक्ष में ही परिक्रमा करने दिया जाए। लेकिन हार्पोल्ड ने इसका समर्थन नहीं किया। उड़ान निदेशक ने कहा था कि खराबी के दौरान यान के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से काफी दूर रहने, मरम्मत का कोई उपाय नहीं होने, रोबोटिक आर्म के अभाव और बचाव के लिए दूसरे यान को भेजने में काफी समय लगने के कारण ही अंतरिक्ष यात्रियों को कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।

हेल ने याद किया कि जब टेक्सास के ऊपर कोलंबिया के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली तो नासा के निदेशक लेरॉय केयन ने सभी कंप्यूटरों का डॉटा सेव कर मिशन कंट्रोल रूम में ताला लगवा दिया था। ध्यान रहे कि 16 दिन के अंतरिक्ष प्रवास के बाद एक फरवरी, 2003 को पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय अंतरिक्ष शटल कोलंबिया टूट कर बिखर गया था। उसमें सवार सभी सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे।

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