विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुर्सी बने मिस्र के राष्ट्रपति

By Edited By:
Published: Sun, 24 Jun 2012 10:09 PM (IST)Updated: Mon, 25 Jun 2012 03:42 AM (IST)

मिस्र में हुस्नी मुबारक के अपदस्थ होने के बाद पहली बार हुए राष्ट्रपति चुनावों में मुस्लिम ब्रदरहुड के मोहम्मद मुर्सी ...और पढ़ें

News Article Hero Image

काइरो। मिस्र की सत्त पर तीन दशक तक काबिज रहे होस्नी मुबारक के अपदस्थ होने के बाद पहली बार हुए राष्ट्रपति चुनाव में मुस्लिम ब्रदरहुड के मुहम्मद मुर्सी को जीत मिली है। उन्हें 51.73 फीसद वोट प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्व प्रधानमंत्री अहमद शफीक को 48.2 फीसद वोट मिले हैं। शफीक मिस्र की सेना और पूर्व राष्ट्रपति मुबारक के करीबी माने जाते हैं।

रविवार को मुर्सी की जीत की घोषणा के साथ ही ऐतिहासिक तहरीर चौक पर लोकतंत्र समर्थकों ने आतिशबाजी की। सैकड़ों लोगों ने हॉर्न बजाकर खुशी का इजहार किया। हालांकि, मुस्लिम ब्रदरहुड की लोकतात्रिक प्रतिबद्धताओं के बारे में संदेह रखने वाले इन नतीजों से सहमे हुए हैं। ध्यान रहे कि मुस्लिम ब्रदरहुड की छवि कट्टरपंथी है, लेकिन मिस्र में यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।

कौन हैं मुर्सी

मुहम्मद मुर्सी 60 वर्षीय इंजीनियर हैं, जिन्होंने अमेरिका में शिक्षा ग्रहण की। वह वर्ष 2001 से 2005 तक निर्दलीय सांसद थे। मुर्सी जनवरी 2011 में मुस्लिम ब्रदरहुड के राजनीतिक दल फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी के अध्यक्ष बने थे। उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तब बनाया गया था, जब ब्रदरहुड के प्रभावशाली नेता खैरात अल-शातेर को चुनावी दौड़ से मजबूरी में बाहर होना पड़ा। उन पर होस्नी मुबारक शासनकाल के दौरान आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इस वजह से उनकी उम्मीदवारी रद कर दी गई थी।

नतीजा आने में हुई देरी

नतीजों के इंतजार में शनिवार देर रात से ही तहरीर चौक पर लाखों लोग जमा हो गए थे। हालांकि, विजेता के नाम की घोषणा गुरुवार को जानी थी, लेकिन अनियमितताओं के आरोपों की वजह घोषणा टाल दी गई। इस बीच देश में खासा तनाव था। मुस्लिम ब्रदरहुड के अधिकतर समर्थक तहरीर चौक पर जमा थे, जबकि शफीक समर्थक काइरो के उलरी इलाके में रैली कर रहे थे।

चुनाव आयोग ने नतीजे की घोषणा करने से पहले सैकड़ों शिकायतों पर चर्चा की। आयोग ने बताया कि दोनों पक्षों के समर्थकों ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए संतुष्टि जाहिर की थी। इसके बाद रविवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय में सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों और टैंकों की मौजूदगी के बीच विजेता की घोषणा की गई।

अस्थिरता के बीच हुआ मतदान

राष्ट्रपति चुनाव के लिए 16 और 17 जून को हुए दूसरे दौर के निर्णायक मतदान से एक दिन पहले मिस्र की सर्वोच्च ने पिछले साल कराए गए संसदीय चुनाव को असंवैधानिक करार दे दिया था। संसदीय चुनाव में मुस्लिम ब्रदरहुड को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं। इस वजह से मिस्र में राजनीतिक संकट गहरा गया था।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर