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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-पाक के बीच बातचीत में कश्‍मीर की अनदेखी नहीं हो सकती: जर्मनी

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Tue, 01 Sep 2015 09:40 AM (IST)Updated: Tue, 01 Sep 2015 09:50 AM (IST)

एनएसए स्तर की वार्ता के रद होने के बाद जर्मनी ने कहा है कि कश्मीर जैसे गहन मुद्दों को भारत ...और पढ़ें

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इस्लामाबाद। एनएसए स्तर की वार्ता के रद होने के बाद जर्मनी ने कहा है कि कश्मीर जैसे गहन मुद्दों को भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का हिस्सा होना चाहिए। जर्मनी ने ऐसे मुद्दों को बातचीत आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता बताया है।

जर्मन विदेश मंत्री फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमेयर ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कश्मीर जैसे गहन मुद्दे हैं, जिनकी बातचीत में अनदेखी नहीं की जा सकती।

जर्मनी के सांसदों के एक शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए रविवार रात अफगानिस्तान से पाकिस्तान पहुंचे स्टेनमेयर ने कहा कि दक्षिण एशिया के इन दो पड़ोसी देशों के बीच बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच एनएसए स्तर की बातचीत के रद होने के बाद तनाव बढ़ने के बारे में सवाल पूछा गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 23 अगस्त को एनएसए स्तर की बातचीत प्रस्तावित थी। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि कश्मीर मुद्दे पर चर्चा और अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद बातचीत रद हो गई।

जर्मन विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करे और बिना किसी भेदभाव के उनको निशाना बनाए।

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