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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भारत की रैंकिंग सुधरी

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 30 Nov 2016 08:54 PM (IST)Updated: Wed, 30 Nov 2016 09:19 PM (IST)

व‌र्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सूची में भारत ने चार पायदान के सुधार के साथ 102वां स्थान हासिल किया है।

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लंदन, प्रेट्र। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुगमता पर व‌र्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सूची में भारत ने चार पायदान के सुधार के साथ 102वां स्थान हासिल किया है। 136 देशों की इस सूची में सिंगापुर में शीर्ष पर है। लेकिन रिपोर्ट में भारत की समस्याओं का जिक्र किया गया है।

ब्रिक्स देशों में भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने पिछली सूची के मुकाबले अपनी स्थिति सुधारी है। भारत जहां 102वें स्थान पर रहा है, वहीं दक्षिण अफ्रीका 55वें और चीन 61वें स्थान पर रहा। इन दोनों देशों ने क्रमश: तीन और दो स्थान का सुधार हासिल किया है। लेकिन ब्रिक्स देशों में ब्राजील की रैंकिंग 97 से घटकर 110 पर रह गई जबकि रूस का स्थान 105 से घटकर 111 रह गया।

डब्ल्यूईएफ और ग्लोबल एलायंस फॉर ट्रेड फैसिलिटेशन की ग्लोबल इनेब्लिंग ट्रेड रिपोर्ट 2016 में इनेब्लिंग ट्रेड इंडेक्स (ईटीआइ) के जरिये 136 देशों का प्रदर्शन आंका है। इस इंडैक्स में सीमा से बाहर वस्तुओं के मुक्त व्यापार और गंतव्य स्थान पर पहुंच के लिए विभिन्न देशों द्वारा किये गये उपायों पर गौर किया गया है। इसमें घरेलू और विदेशी बाजारों में पहुंच, सीमा प्रशासन, परिवहन और डिजिटल इंफ्रास्ट्र्क्चर और कारोबारी माहौल जैसे फैक्टरों पर ध्यान दिया गया है।

सूची में सिंगापुर शीर्ष पर रहा है। जबकि नीदरलैंड दूसरे, हांगकांग तीसरे, लक्जमबर्ग चौथे, स्वीडन पांचवें, फिनलैंड छठे, ऑस्टि्रया सातवें, ब्रिटेन आठवें, जर्मनी नौवें और बैल्जियम दसवें स्थान पर रहे। इस सूची में अमेरिका को 22वां स्थान मिला।

भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू परिवहन, अपराध व चोरी, सीमा पर भ्रष्टाचार और आयात की पेचीदा प्रक्रिया के चलते आयात की लागत बढ़ने और देरी होने की समस्या सबसे प्रमुख है। लोकप्रिय धारणाओं के विपरीत भारत में बड़ी आबादी अंतरराष्ट्रीय व्यापार या ग्लोबल वैल्यू चेन का हिस्सा नहीं बन पाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े विकासशील देशों की इंडैक्स में प्रदर्शन खराब रहा है। चीन सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है लेकिन सूची में उसका स्थान आधे से ज्यादा देशों के बाद आता है।

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