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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जर्मनी का नया कानून, 'लड़की की ना का मतलब ना'

By Atul GuptaEdited By:
Published: Fri, 08 Jul 2016 02:40 PM (IST)Updated: Fri, 08 Jul 2016 03:10 PM (IST)

दरअसल जर्मनी के पुराने कानून के मुताबिक सैक्स अटैक को रेप तभी कहा जा सकता है जब युवती ने अपने आप को बचाने के लिए बलात्कारी से लड़ाई की हो

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नई दिल्ली। आपने कहीं सुना होगा कि 'लड़की की ना में भी हां होती है' किसने कहा और क्यों कहा ये तो हमें नहीं मालूम लेकिन जर्मनी की पार्लियामेंट ने रेप की नई परिभाषा देते हुए 'नो मीन्स नो' का कानून पास किया है। जिसके मुताबिक अगर युवती ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए ना कहा और फिर भी किसी ने ऐसा किया तो वो रेप की श्रेणी में आएगा।

नो कहने पर रेप नहीं माना जाता था

दरअसल जर्मनी के पुराने कानून के मुताबिक सैक्स अटैक को रेप तभी कहा जा सकता है जब युवती ने अपने आप को बचाने के लिए बलात्कारी से लड़ाई की हो, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं हो पाता था क्योंकि नशे की हालत में युवती रेप का विरोध नहीं कर पाती थी और आरोपी को सजा नहीं मिलती थी।

नए साल की पार्टी के दौरान हुए रेप से उठी नए कानून की मांग

हुआ यूं कि नए साल के मौके पर जर्मनी के कोलोन शहर में पार्टी हुई और उस पार्टी में शराब और ड्रग्स भी आसानी से मिल रहे थे। ऐसे में कुछ युवकों ने अपने साथ आई युवतियों को शराब पिलाई और ड्रग्स दिए और फिर उनका रेप किया। आधुनिक और विकसित देश में रेप की इस खबर ने अगले दिन पुरी जर्मनी को हिलाकर रख दिया।

ड्रग्स देकर मॉडल से रेप करने वाला आरोपी छूटा

इसके बाद एक और घटना सामने आई जिसमें एक जर्मन मॉडल गिना लोहफिंग को दो लोगों ने ड्रग्स देकर बारी बारी से उसका रेप किया। इस बीच वो सिर्फ नो-नो, और स्टाप इट के अलावा कुछ नहीं बोल सकी क्योंकि वो शराब और ड्रग्स के नशे में थी। गिना के पास रेप के वीडियो भी था जिसे लेकर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया लेकिन वो केस हार गई क्योंकि उसने रेप से बचने के लिए रेपिस्टों से लड़ाई नहीं की थी। गिना के मुताबिक वो इतने नशे में थी कि उसे होश ही नहीं था और ना ही उसमें इतनी ताकत बची थी कि वो खुद को बचा सके। कोर्ट के इस अजीबोगरीब फैसले के बाद जर्मनी में रेप को लेकर नया कानून बनाने के लिए नए सिरे से बहस छिड़ गई।

अब 'नो का मतलब नो' नहीं तो होगी सजा

जर्मनी के नए कानून के मुताबिक अब अगर युवती नो कहती है और फिर भी उसके साथ जबरदस्ती होती है तो उसे अपराध माना जाएगा। आपको बता दें कि जर्मनी दूसरे देशों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा खुला माना जाता है जहां महिलाओं को अपने हिसाब से कहीं भी आने जाने, घूमने, कपड़े पहनने आदि की पूरी आजादी है जिसका पिछले कुछ दिनों से दुरुपयोग होने की खबरें सामने आ रही थी।

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