विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका में वीजा धोखाधड़ी में फंसे चार भारतीय

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Mon, 09 May 2016 04:07 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 09 May 2016 10:20 PM (GMT+05:30)

सुनीता गुंटिपल्ली और वेंकट गुंटिपल्ली के अलावा प्रताप कोंडामूरी और संध्या रामीरेड्डी के खिलाफ पिछले हफ्ते मुकदमा दायर किया गया। ...और पढ़ें

News Article Hero Image

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका में एच-1बी वीजा धोखाधड़ी मामले में एक दंपति समेत भारतीय मूल के चार लोग फंस गए हैं। उन पर वीजा धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

संघीय अभियोजक के अनुसार, सुनीता गुंटिपल्ली और वेंकट गुंटिपल्ली के अलावा प्रताप कोंडामूरी और संध्या रामीरेड्डी के खिलाफ पिछले हफ्ते मुकदमा दायर किया गया। उन पर एच-1बी के लिए आवेदन करने में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि चारों ने कथित रूप से कैलिफोर्निया स्थित तीन कारपोरेशन के जरिये एच-1बी वीजा के लिए सौ से अधिक आवेदन दाखिल करने की योजना बनाई थी।

कैलिफोर्निया के नार्दन डिस्टि्रक्ट के अमेरिकी अटार्नी कार्यालय के अनुसार, सिलिकान वैली के पति-पत्नी ने डीएस साफ्ट टेक और एक्विनेट की स्थापना की थी। महज दो स्टाफ वाली इन दोनों कंपनियों में वेंकट अध्यक्ष और सुनीता उपाध्यक्ष थीं। जबकि नेवादा के कोंडामूरी एसआइएसएल नेटवर्क के संस्थापक और मालिक थे। इस कंपनी में उनकी बहन रामीरेड्डी एचआर मैनेजर थी। इन चारों पर वीजा धोखाधड़ी की साजिश रचने, झूठे बयान देने और गवाहों को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं।

यह भी पढ़ेंः स्कर्ट पहनने पर मुस्लिम लड़की को स्कूल ने लौटाया