विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच हुई फोन पर बात, जल्‍द हो सकती है मुलाकात

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 14 Nov 2016 02:39 PM (IST)Updated: Mon, 14 Nov 2016 02:59 PM (IST)

शी जिनपिंग ने ट्रंप से फोन पर की बातचीत के दौरान व्‍यापारिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। उनका कहना ...और पढ़ें

News Article Hero Image

बीजिंग (एएफपी)। अमेरिका ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चीन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। चीन का मानना है कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच आई तल्खी में कमी आएगी और दोनों ही देश व्यापारिक दृष्टि से एक दूसरे के साथ काम करेंगे। आने वाले दिनों में संबंधों में सुधार को लेकर आज ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच टेलीफोन पर बात भी हुई है। इस बातचीत में शी ने अमेरिका के साथ आने वाले दिनों में रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की है। चीन ने इस बातचीत के दौरान यह भी साफ कर दिया है कि ट्रंप के पास उनका साथ देने का एकमात्र विकल्प है।

चीनी सामान पर कर को लेकर यूएस की धमकी

इस दौरान शी का कहना था कि अमेरिका चीन के सामान पर करीब 45 फीसद का कर लगाने की धमकी दे रहा है इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बाधित हो सकता है। चीन के बने सामान पर इस तरह के निर्णय से प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उनका कहना था कि विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए जरूरी है कि व्यापारिक स्तर पर वह एक दूसरे के करीब आएं और इस संबंध में आ रही परेशानियों को दूर करें।

पद संभालते ही देश से बाहर निकाले जाएंगे 30 लाख अवैध शरणार्थी: डोनाल्ड ट्रंप

सहयोग एकमात्र विकल्प

चीनी मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग ने स्पष्ट शब्दों में ट्रंप से कहा कि दोनों देशों के रिश्तों के मध्य सहयोग ही एकमात्र विकल्प है। ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने चीन पर काफी तीखे हमले किए थे। जब ट्रंप ने शपथ ली कि कार्यभार संभालते ही वह आयातित चीनी माल पर 45 फीसदी टैरिफ लगाएंगे। उनके चुनाव से दोनों देशों के रिश्तों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

चुनौतियों से जूझ रहा चीन

बीजिंग को स्थिरता की उम्मीद है क्योंकि वह सुधारों से पैदा हुई चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में अगर कोई और नेतृत्व उभरता है तो 2017 के अंत में जिनपिंग के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। चीन सेंट्रल टेलीविजन ने ट्रंप से सोमवार को हुई बातचीत में जिनपिंग को उद्धृत करते हुए कहा है कि तथ्य साबित करते हैं कि चीन और यूनाइटेड स्टेट्स के लिए सहयोग की एकमात्र सही विकल्प है।

हिलेरी ने हार के लिए एफबीआइ को बताया जिम्मेदार

चीन काेे चाहिए यूएस का सहयोग

जिनपिंग ने कहा, ”दोनों देशों को सहयोग मजबूत करना चाहिए। दोनों देशों के आर्थिक विकास और वैश्विक आर्थिक प्रगति को प्रमोट करना चाहिए, विनिमय और सहयोग के सभी दायरे बढ़ाना चाहिए, ताकि दोनों देशों के लोगों को फायदा सुनिश्चित हो सके और चीन-अमेरिका रिश्तों में बेहतरी के साथ विकास हो सके। चीनी टीवी के अनुसार, ट्रंप ने जिनपिंग को कहा कि वह चीन के साथ सहयोग मजबूत करने की दिशा में काम करने को तैयार हैं और वह मानते हैं कि अमेरिका-चीन रिश्ते ‘निश्चित तौर पर और विकास हासिल कर सकते हैं।

मोसुल में पीछे हटते आईएस आतंकियों ने किया भीषण नरसंहार: यूएन

ट्रंप और शी में जल्द हो सकती है मुलाकात

दोनों नेताओं ने करीबी बरकरार रखने और जल्द मुलाकात पर सहमति जताई है। CCTV ने कहा कि शी ने ट्रंप को पिछले सप्ताह उनकी आश्चर्यजनक जीत के बाद बधाई संदेश भेजा था। ट्रंप की जीत के दुनिया के दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर गंभीर भविष्यवाणियां की गई हैं, इसके अलावा जलवायु परिवर्तन और एशिया-पैसेफिक में सुरक्षा संतुलन व वैश्विक व्यापार को लेकर भी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।चीन ने संकेत दिए हैं कि वह क्षेत्रीय व्यापार समाकलन पर जोर देगा, और पेरू में इसी माह होने वाली बैठक में बीजिंग-समर्थित एशिया-पैसेफिक मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समर्थन मांगेगा।

ट्रंप की सत्ता ट्रांसफर ऑफ पावर टीम के प्रमुख बने माइक पेंस

FDI को पीएम मोदी ने दिया नया नाम, कहा- FDI मतलब 'फर्स्ट डेवलप इंडिया'