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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तनातनी के बाद चीन ने अमेरिका को ड्रोन लौटाया

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Tue, 20 Dec 2016 06:47 PM (IST)Updated: Tue, 20 Dec 2016 10:08 PM (IST)

नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे चोरी करार देते हुए कहा था कि हमें ड्रोन नहीं चाहिए। चीन अपने पास ही इसे रख ले।

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बीजिंग, प्रेट्र। चीन ने मंगलवार को अमेरिका को ड्रोन लौटा दिया। इसे विवादित दक्षिण चीन सागर से चीन ने पांच दिन पहले जब्त किया था। नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे चोरी करार देते हुए कहा था कि हमें ड्रोन नहीं चाहिए। चीन अपने पास ही इसे रख ले।

चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'चीनी और अमेरिकी पक्षों में दोस्ताना बातचीत के बाद दक्षिण चीन सागर में 20 दिसंबर को अमेरिकी ड्रोन को सौंपने का काम पूरा किया गया।' इस ड्रोन को दक्षिण चीन सागर में तैनात अमेरिकी सर्वे पोत की ओर संचालित किया जा रहा था। अमेरिकी पोत के आग्रह के बावजूद चीन ने इसे लौटाने से इन्कार कर दिया था।

पेंटागन के प्रेस सचिव पीटर कुक ने भी चीन की ओर से ड्रोन वापस मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ड्रोन दक्षिण चीन सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नियमित अभियान पर था। इसके पहले चीन ने कहा था कि ड्रोन घटना से उचित तरीके से निपटा जाएगा लेकिन टं्रप के आरोपों के बाद उसने कहा कि इसका सफलतापूर्वक हल निकाल लिया जाएगा। ट्रंप ने ट्वीट कर बीजिंग पर अमेरिकी ड्रोन चुराने का आरोप लगाया था। उनके ट्वीट के बाद चीनी मीडिया ने भी हमलावर रुख अख्तियार कर लिया था। उन्होंने कहा कि ट्रंप में राजनयिक अनुभव का अभाव है। वह सुपर पॉवर के योग्य नहीं हैं।