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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'US में यदि कोई आतंकी हमला हुआ तो पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा खामियाजा'

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sat, 19 Nov 2016 12:06 PM (IST)Updated: Sat, 19 Nov 2016 08:31 PM (IST)

हुसैन हक्‍कानी ने पाकिस्‍तान को आगाह किया है कि यदि भविष्‍य में अमेरिका में कोई आतंकी हमला हुआ और उसका संबंध पाक से हुआ तो अमेरिका उसे छोड़ेगा नहीं।

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वाशिंगटन (एएनआई)। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का मानना है कि यदि भविष्य में अमेरिका में कोई बड़ा आतंकी हमला होता है तो यह दोनों देशों के संबंधों के लिए बहुत बुरा होगा। उन्होंने पाकिस्तान को इसके लिए आगाह करते हुए कहा है कि यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। यूएस इंस्टिट्यूट ऑफ पीस में हुई इस बातचीत में मौजूद अमेरिका में दक्षिण एशिया मामलों की जानकार लीजा कर्टिस ने भी इस बात से इत्तफाक जताया है। उनका भी मानना है कि यदि अमेरिका में दोबारा काेई आतंकी हमला होता है और यदि इसका संबंध पाकिस्तान से निकला तो पाकिस्तान को बेहद बुरे दौर से गुजरना होगा।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के पूर्व सहायक सचिव रॉबिन रेफेल से हुई बातचीत के दौरान दोनों अधिकारियों ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट पर भी चर्चा की गई। रॉबिन का कहना था कि यदि पाक सरकार ट्रंप की बनाई नीतियों और फैसलों का समर्थन करेगी तो मुमकिन है कि अमेरिका से उसे मिलने वाली सैन्य राशि में इजाफा भी हो जाए। इस दौरान अधिकारियों के बीच ट्रंप के चुनावी अभियान और इस दौरान दिए गए विवादित बयानों को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। इस दौरान कर्टिस ने पाकिस्तान में अमेरिकियों की सुरक्षा में आ रही गिरावट को लेकर चिंता जाहिर की। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को लेकर अमेरिका ने अपनी नीतियों में कुछ बदलाव किया है। इसमें आतंकियों को गिरफ्तार करने से लेकर उन पर चलने वाले मुकदमेे से संबंधित नीतियां हैं।

कर्टिस का यह भी कहना था कि पाकिस्तान चाहे तो अमेरिका के साथ भविष्य में संबंधों को बेहतर किया जा सकता है। इसके लिए उसको कुछ बड़े फैसले लेने होंगे। इसमें अफगान तालिबान पर प्रतिबंध लगाना और दूसरे अलगाववादी संगंठनों को बातीचीत के लिए राजी करना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि भविष्य में अमेरिका पाकिस्तान से आने वाले लोगों की संख्या पर भी रोक लगा सकता है।

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