यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत समेत दक्षिण एशिया दौरे में सतर्क रहें अमेरिकी
ओबामा प्रशासन की नजर में भारत अमेरिकियों के लिए सुरक्षित नहीं है। उसने पाकिस्तान अफगानिस्तान समेत हिंसा ग्रस्त अन्य दक्षिण ...और पढ़ें

वाशिंगटन। ओबामा प्रशासन की नजर में भारत अमेरिकियों के लिए सुरक्षित नहीं है। उसने पाकिस्तान अफगानिस्तान समेत हिंसा ग्रस्त अन्य दक्षिण एशियाई देशों की कतार में भारत को भी खड़ा कर दिया है। ओबामा प्रशासन ने अपने नागरिकों को आगाह किया है कि वे भारत समेत अन्य दक्षिण एशियाई देशों के भ्रमण के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतें।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को सर्तक रहने के लिए वैश्विक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें नागरिकों से अधिक सतर्कता बरतने और अपनी सुरक्षा के प्रति उचित कदम उठाने को कहा गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में आतंकी और उग्रवादी गतिविधियां अमेरिकी नागरिकों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित कर सकती हैं। भारत में कुछ पश्चिम विरोधी आतंकी समूह सक्रिय हैं जो अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-इ-इस्लामी, हरकत-उल-मुजाहिदीन, इंडियन मुजाहिदीन, जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर जैसे खूंखार आतंकवादी संगठन शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि आतंकवादी भारत में सार्वजनिक स्थानों को बराबर निशाना बनाते रहते हैं। खासतौर से बड़े शहरी क्षेत्रों के लक्जरी होटलों, ट्रेनों, स्टेशनों, बाजारों, सिनेमा घरों, धार्मिक स्थानों और रेस्त्रां जैसे स्थानों को निशाना बनाया जाता है।
अमेरिकी सरकार ने कहा कि ऐसी सूचनाएं लगातार मिल रही हैं कि आतंकी समूह दक्षिण एशिया में अमेरिकी सरकार के हितों के खिलाफ संभावित हमले की साजिश रच रहे हैं। वे अमेरिकी से संबंधित प्रतिष्ठानों और उसके नागरिकों पर हमला कर सकते हैं।
