विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फालुजा में फंसे 20 हजार बच्चों को लड़ाई में झोंक सकता है आइएस

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 01 Jun 2016 06:28 PM (IST)Updated: Wed, 01 Jun 2016 10:54 PM (IST)

इराकी सेना व आइएस के आतंकियों के बीच जारी संघर्ष के कारण फालुजा में फंसे बीस हजार बच्चों को आइएस लड़ाई में झोंकने की कवायद कर रहा है।

News Article Hero Image

बगदाद, रायटर। इराकी सेना और इस्लामिक स्टेट (आइएस) के आतंकियों के बीच जारी भीषण संघर्ष के कारण फालुजा में करीब 50 हजार लोग फंसे हुए हैं। इनमें से कम से कम 20 हजार बच्चे हैं। यूनिसेफ ने बुधवार को यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने आशंका जताई है कि इन बच्चों को उनके परिवार से अलग कर आइएस लड़ाई में झोंक सकता है।

यूनिसेफ के इराक में प्रतिनिधि पीटर हॉकिन्स ने कहा कि भीषण संघर्ष के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है। उनके सामने जबरन आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सभी पक्षों से बच्चों की सुरक्षा और आम लोगों को शहर से बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता देने की अपील की है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था ने बताया था कि लड़ाई के कारण फंसे आम लोगों का आतंकी ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। किसी तरह 37 सौ लोग शहर से निकलने में कामयाब रहे हैं। एफे न्यूज एजेंसी के अनुसार शहर में रह रहे लोग खाद्य पदार्थो, पीने का पानी और दवाइयों की किल्लत से भी जूझ रहे हैं।

गौरतलब है कि जनवरी 2014 में आइएस के नियंत्रण में आने वाले फलुजा पहला इराकी शहर था। राजधानी बगदाद से 50 किमी दूर देश के इस दूसरे सबसे बड़े शहर को आतंकियों के कब्जे से छुड़ाने का अभियान सेना ने 23 मई को शुरू किया था। शिया मिलिशिया और अमेरिकी नेतृत्व वाला गठबंधन भी उनकी मदद कर रहा है। यहां से आतंकियों को खदेड़ने का अभियान आइएस के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी लड़ाई मानी जा रही है।

संबंधित अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें