यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक में दो चर्चों पर हमला, 15 मरे, गुस्साई भीड़ ने दो को जिंदा जलाया
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले और उनके धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले ...और पढ़ें

लाहौर। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले और उनके धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। धार्मिक कट्टरता का पर्याय बने इस देश में रविवार को दो गिरजाघरों को निशाना बनाया गया। लाहौर के योहानाबाद क्षेत्र स्थित दो चर्चों में रविवार को हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 15 लोग मारे गए और अस्सी से ज्यादा घायल हैं। मृतकों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। आतंकियों ने इन हमलों को तब अंजाम दिया, जब चर्च में रविवार की सामूहिक प्रार्थना के लिए भारी तादाद में श्रद्धालु जुटे थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए गुट जमात-उल-अहरार ने इन हमलों को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली है।
ईसाई भड़के
लाहौर के इस ईसाई बहुल इलाके में हुए आत्मघाती हमलों के बाद ङ्क्षहसा भड़क गई। घटना से गुस्साई भीड़ ने हमले में शामिल दो संदिग्धों को पकड़ लिया और जमकर पीटा। बाद में उन्हें जिंदा जला दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दोनों संदिग्ध, हमलावरों के साथी थे और आत्मघाती हमलावरों के सपोर्ट दस्ते के रूप में वहां मौजूद थे। ईसाइयों का गुस्सा इतने से ठंडा नहीं हुआ। बाद में उन्होंने पूरे लाहौर शहर में जगह-जगह प्रदर्शन भी किए।
विस्फोट से खुद को उड़ा घटना को दिया अंजाम
पुलिस के अनुसार, योहानाबाद इलाके में स्थित रोमन कैथोलिक चर्च और क्राइस्ट चर्च के गेट पर दो आत्मघाती हमलावरों ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। रविवार का दिन होने के कारण चर्च में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। धमाके से घबराए श्रद्धालु डर के मारे इधर-उधर भागने लगे, इससे भगदड़ मच गई। इस कारण भी बहुत से लोग घायल हो गए। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार कई लोग तो मौके पर ही मारे गए।
चर्च में घुसने से रोका तो धमाका कर दिया
इलाके के ईसाई नेता असलम परवेज सहोतरा ने बताया कि दोनों चर्चों के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों और निजी गार्डों ने हमलावरों को गिरजाघर में घुसने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। लाहौर के डीआइजी हैदर अशरफ ने हमलों के आत्मघाती होने की पुष्टि की है।
योहानाबाद में 150 चर्च
लाहौर का योहानाबाद ईसाई बहुल इलाका है। यहां करीब 10 लाख ईसाई रहते हैं और इस क्षेत्र में 150 से अधिक चर्च हैं।
अल्पसंख्यक अक्सर बनते हैं निशाना
पाकिस्तान में आतंकी अल्पसंख्यकों को अक्सर अपने हमले का निशाना बनाते रहते हैं। साल 2013 में पेशावर में ऑल सेंट चर्च पर भी आतंकियों ने हमला किया था। इसमें 80 लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
जमात-उल-अहरार ने ही वाघा बार्डर पर किया था हमला
तालिबान से अलग हुए गुट जमात-उल-अहरार ने ही भारत के साथ लगते वाघा बार्डर पर पिछले वर्ष सितंबर में आत्मघाती हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। अहरार ने इस हमले की बाकायदा जिम्मेदारी भी ली थी।
'पाकिस्तान में चर्चों पर आतंकी हमले से आहत हूं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह इस देश को सद्बुद्धि और शांति दे। ईसाइयों का उत्पीडऩ बंद हो।' -पोप फ्रांसिस
तस्वीरों में देखें : धमाके से दहला चर्च, चीख पुकार में बदली प्रार्थना
