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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कूटनीतिक दृष्टि से एेेतिहासिक है पीएम का अमेरिकी दौरा, जानिए 10 बड़ी बातें

By Atul GuptaEdited By:
Published: Tue, 07 Jun 2016 09:21 AM (IST)Updated: Tue, 07 Jun 2016 11:15 AM (IST)

ऐसे में जब जब राष्ट्रपति ओबामा का कार्यकाल खत्म होने को है, पीएम मोदी की ये यात्रा कूटनीतिक दृष्टि से ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की अपनी यात्रा के चौथे पड़ाव में अमेरिका पहुंच गए हैं। तीन दिन की अपनी इस अमेरिकी यात्रा के दौरान पीएम कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और साथ ही साथ राष्ट्रपति ओबामा से मुलाकात कर कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

आइए हम आपको बताते हैं पीएम मोदी के अमेरिकी यात्रा की दस बड़ी बातें।

1. प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी की ये चौथी अमेरिकी यात्रा है। संयुक्त राष्ट्र सभा में हिस्सा लेने के लिए पीएम पहली बार अमेरिका गए थे। दूसरी बार राष्ट्रपति ओबामा से मुलाकात करने के लिए अमेरिका गए थे। पीएम का तीसरा अमेरिकी दौरा अप्रैल में हुआ था जब पीएम परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिका गए थे और अब ये पीएम का चौथा अमेरिकी दौरा है।

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2. पीएम मोदी की इस अमेरिकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसके अलावा राष्ट्रपति ओबामा पीएम के सम्मान में आज व्हाइट हाउस में लंच का कार्यक्रम आयोजित किया है। पीएम और राष्ट्रपति ओबामा के बीच ये छठी मुलाकात है। आपको याद दिला दें कि राष्ट्रपति ओबामा साल 2015 के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भी हिस्सा ले चुके हैं।

3. पीएम मोदी अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले पांचवे प्रधानमंत्री होंगे। सबसे पहले साल 1985 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अमेरिकी संसद को संबोधित किया था। इसके बाद पूर्व पीएम नरसिम्हा राव ने 1994, अटल बिहारी वाजपेयी ने 2000 और डॉ मनमोहन सिंह ने साल 2005 में अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था। हालांकि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने साल 1949 में अमेरिकी संसद को संबोधित किया था।

4. बतौर राष्ट्रपति ओबामा का टर्म खत्म होने वाला है और ऐसे में पीएम मोदी के साथ गया प्रतिनिधिमंडल ओबामा प्रशासन से अपने संबंध मजबूत कर राजनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश करेगा।

5. इस साल अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है और अगले साल जनवरी में अमेरिका में नई सरकार और नए राष्ट्रपति पद ग्रहण करेंगे। ऐसे में राजनीतिक रिश्तों को सुधारने और उसे मजबूती प्रदान करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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6. पीएम मोदी को अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने का आमंत्रण रिपब्लिकन पार्टी के नेता और अमेरिकी संसद के सभापति पॉल रियान की तरफ से आया था। इस निमंत्रण से एक बात जो स्पस्ट होती है वो ये कि अमेरिका और अमेरिकी नेता भारत के साथ राजनीतिक साझेदारी को बढ़ाना चाहते हैं।

7. पीएम मोदी अमेरिकी संसद की दोनों पार्टियों रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों से मुलाकात करेंगे इसके अलावा पीएम अगले संभावित अमेरिकी राष्ट्रपतियों की टीम के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।

8. आतंकवाद और खूफिया जानकारी साझा करने को लेकर भारत और अमेरिका काफी लंबे समय से बात कर रहे हैं और अब माना जा रहा है कि दोनों देश मिलकर साझा समझौते की नीति पर सहमति जता देंगे।

9. पीएम की ये यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर तनाव चल रहा है। अमेरिका दक्षिण चीन सागर में अपनी भूमिका को बढ़ाना चाहता है और चीन इसका विरोध कर रहा है।

10. भारत फिलहाल परमाणु निर्यातक समूह में शामिल होने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अमेरिका और दूसरे कई शक्तिशाली देश इस प्रस्ताव में भारत का समर्थन कर रहे हैं जिससे भारत को बल मिल रहा है। भारत ये मानकर चल रहा है कि चीन और पाकिस्तान इस प्रस्ताव में भारत के खिलाफ वोट करेंगे।

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