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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अच्छा तो इसलिए महिलाओं को कोई बात हजम नहीं होती

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Sat, 12 Nov 2016 02:13 PM (IST)Updated: Sat, 12 Nov 2016 02:21 PM (IST)

हम सभी आम बोलचाल में कहते हैं कि महिलाओं को कोई बात हजम नहीं होती लेकिन इसके पीछे क्या तर्क ...और पढ़ें

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पुरानी कहावत है कि महिलाएं अपने पेट में कोई बात पचा नहीं सकती। महिलाएं राज की बात किसी ना किसी को बोल ही देती हैं। वह कभी भी कोई बात गुप्त नहीं रख सकती। मगर क्या आपने सोचा है कि तकरीबन हर महिला के साथ ऐसा क्यों होता है। इस सवाल का जवाब महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखी गई महाभारत में मौजूद है।


महाभारत के अनुसार महाराज युधिष्ठिर ने संसार की सभी स्त्रियों को कोई भी बात गुप्त ना रखने का श्राप दिया था। तभी से ऐसा माना जाता हैं की महिलाएं राज की बात गुप्त नहीं रख पाती और वह किसी ना किसी को वह बता ही देती हैं।


युधिष्ठिर ने क्यों दिया था श्राप
महाभारत में ऐसा लिखा गया है कि युद्ध समाप्त होने के बाद जब युधिष्ठिर को माता कुंती ने बताया की कर्ण तुम्हारा बड़ा भाई था, तब पांडवों को बड़ा क्रोध हुआ। युधिष्ठिर ने कर्ण का अंतिम संस्कार भी किया। कुंती ने जब पांडवो को कर्ण के जन्म का रहस्य बताया तो गुस्से में आकर युधिष्ठिर ने सम्पूर्ण स्त्री जाति को श्राप दिया की, कोई भी स्त्री गुप्त बात छिपाकर नहीं रख सकेगी।

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