यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यहां दूसरों की पत्नियों को चुराकर करते हैं शादी
दुनिया के हर कौने में रहन-सहन, वेश-भूषा सब अलग-अलग है, इसी प्रकार रीतिरिवाज भी अलग होते हैं। अगर बात आदिवासी ...और पढ़ें

दुनिया के हर कौने में रहन-सहन, वेश-भूषा सब अलग-अलग है, इसी प्रकार रीतिरिवाज भी अलग होते हैं। अगर बात आदिवासी जनजातियों कि की जाये तो इनके रीतिरिवाज किसी रहस्य से कम नही होते। जिनके बारे में जानकर हम हैरान हो जाते हैं।
पश्चिमी अफ्रीका की वोदाब्बे जनजाति में शादी की रस्म कुछ ज्यादा ही अलग होती है। इस जनजाति में पहली शादी तो परिवार वालों की मर्जी से की जाती है। लेकिन दूसरी शादी के लिए एक अजीबोगरीब परंपरा निभानी पड़ती है। यहां दूसरी शादी दूसरों की पत्नियों को चुराकर की जाती है। बिना इस परंपरा के आप दूसरा विवाह नही कर सकते। इसके लिए यहां हर साल गेरेवाल फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है।
इस मौके पर लड़के सज-धज कर अपने चेहरे रंग लेते हैं। इसके बाद सामूहिक आयोजन में डांस और तरह-तरह के क्रिया-कलापों से दूसरे की पत्नीयों को रिझाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान ये खयाल रखना होता है कि उसके पति को इस बात की जानकारी न हो। इसके बाद अगर महिला दूसरे पुरूष के साथ भाग जाती है तो उस समुदाय के लोग दोनों को ढूंढकर शादी करा देते हैं। इस दूसरी शादी को प्रेम-विवाह के तौर पर स्वीकार किया जाता है।
