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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाथ नहीं, फिर भी किया कमाल

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Published: Thu, 19 Jun 2014 03:19 PM (IST)Updated: Thu, 19 Jun 2014 04:41 PM (IST)

अगर आपके अंदर प्रतिभा हो तो मंजिल कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे पाने में आप सफल होते हैं। ...और पढ़ें

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ठाणे। अगर आपके अंदर प्रतिभा हो तो मंजिल कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे पाने में आप सफल होते हैं। इसी बात को यहां के एक आदिवासी लड़के वसंत राउत ने सच साबित किया है। 16 साल के राउत के हाथ जन्म से ही नहीं हैं। वह पैर से लिखता है।

इतना ही नहीं, कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए राउत ने विलक्षण प्रतिभा का परिचय देते हुए बोर्ड परीक्षा में 54 फीसद अंक हासिल किया। यह अंक बहुत अधिक तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन जिन परिस्थितियों में राउत ने यह अंक हासिल किए, वह किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

राउत का सपना एफ हुसैन जैसा पेंटर बनना है और वह मुंबई स्थित जेजे स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला लेना चाहता है। बोर्ड परीक्षा का अनुभव बताते हुए राउत ने कहा कि उसे उम्मीद नहीं थी कि वह सफल हो पाएगा, क्योंकि कंप्यूटर की परीक्षा कठिन थी। अपने शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए राउत ने बताया कि यह सब उनके भरोसे के कारण ही संभव हो पाया।

एसएससी बोर्ड ने भी राउत को हर पेपर को पूरा करने के लिए 90 मिनट अतिरिक्त समय दिया। राउत प्रत्येक दिन अपने दोस्त जयंत दुमादे के साथ ऑटो से विद्यालय जाता था।