विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नीति आयोग की बैठक के बाद लौटीं राजे, जयपुर में विरोध प्रदर्शन

By anand rajEdited By:
Published: Sat, 27 Jun 2015 08:03 AM (IST)Updated: Sat, 27 Jun 2015 05:59 PM (IST)

पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी से नजदीकियों के चलते विवादों में फंसी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज नीति आयोग ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी से नजदीकियों के चलते विवादों में फंसी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के बाद पार्टी के किसी बड़े नेताओं से मिले बगैर वापस राजस्थान लौट गईं। पहले ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि वे पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से अलग से मुलाकात कर सकती हैं। इसी बीच जयपुर में वसुंधरा के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

सूत्रों ने बताया कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वसुंधरा राजे के मुद्दे पर पीएम मोदी को कानूनी पहलू से अवगत कराया है। उन्होंने क्लिनचिट देते हुए पीएम से कहा कि वसुंधरा पर कानून उल्लंघन का कोई मामला नहीं बनता है। इसके बाद राजे ने अंतिम समय में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का कार्यक्रम आखिरी वक्त पर टाल दिया और वह जयपुर के लिए रवाना हो गईं।

'राजे नहीं, राजधर्म निभाएं पीएम'

दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता अजॉय ने आज कहा कि पीएम मोदी राजधर्म निभाएं, न कि राजे और मोदी धर्म। उन्होंने कहा कि पीएम का भ्रष्टाचार और काले धन को लेकर रुख निराश करने वाला है। जबकि राजस्थान के भाजपा नेता अर्जुन मेघवाल ने वसुंधरा को हटाए जाने के मुद्दे पर कहा कि इसका फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व को करना है, लेकिन मेरा मानना है कि इस मुद्दे को बेवजह तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।

ये भी पढ़ेंः प्रियंका-राबर्ट से मिले थे ललित मोदी, बचाव में उतरी कांग्रेस

इससे पहले कल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया था कि जिन दस्तावेजों पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हैं वो कानून द्वारा निर्धारित प्रारूप में नहीं बने हैं। साथ ही मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर इन सभी दस्तावेजों में से एक ही पर है। इनकी वजह से ललित मोदी या किसी और को कोई भी आर्थिक फायदा नहीं पहुंचा है। जहां तक कैंसर अस्पताल को लेकर एमओयू साइन करने की बात है तो उन्होंने बताया कि यह राजस्थान की जनता के हित में लिया गया निर्णय था।

वहीं केंद्रीय स्तर पर भी भाजपा के प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री राजे का बचाव किया। उन्होंने विपक्ष के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया और उल्टा प्रियंका व राॅबर्ट वाड्रा से ललित मोदी की लंदन में मुलाकात पर कांग्रेस से सफाई मांगी।

ये भी पढ़ेंः ललित मोदी समर्थकों की नई लिस्ट, राहत में भाजपा