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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजपक्षे को आमंत्रण पर वाइको ने जताया विरोध

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Published: Mon, 03 Sep 2012 05:36 PM (IST)Updated: Mon, 03 Sep 2012 05:49 PM (IST)

चेन्नई। श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की मध्य प्रदेश यात्रा का विरोध शुरू हो गया है। तमिलनाडु की एमडीएमके पार्टी ...और पढ़ें

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चेन्नई। श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की मध्य प्रदेश यात्रा का विरोध शुरू हो गया है। तमिलनाडु की एमडीएमके पार्टी के संस्थापक वाइको ने सुषमा स्वराज एवं अन्य भाजपा नेताओं से मांग की है कि वे श्रीलंकाई राष्ट्रपति की प्रस्तावित यात्रा के दौरान उनसे न मिलें।

लोकसभा में विपक्ष की नेता स्वराज ने घोषणा की थी कि राजपक्षे 21 सितंबर को मध्य प्रदेश के सांची में बौद्ध शिक्षा केंद्र की आधारशिला रखेंगे। श्रीलंका में संघर्ष के दौरान तमिलों की हत्या को लेकर राजपक्षे के घोर विरोधी रहे वाइको ने कहा कि यह विडंबना है कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति को भगवान बुद्ध के नाम पर होने वाले कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। बुद्ध ने न केवल शांति और सहिष्णुता का संदेश दिया था, बल्कि उसे अपनाया भी था। स्वराज की घोषणा ने तमिलों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्हें राजपक्षे को दिए गए निमंत्रण को रद करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

वाइको ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह सांची में 21 सितंबर को काले झडे के साथ प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रीलंकाई तमिलों से सहानुभूति थी, लेकिन स्वराज और मध्य प्रदेश सरकार ने उनके हितों के खिलाफ निर्णय लिया है। द्रमुक ने भी राजपक्षे की प्रस्तावित यात्रा का विरोध किया है।

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