यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चौतरफा घिरे अखिलेश, पर मानने को नहीं तैयार, फिर दिया बयान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा सदर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन संबंधी सरकार के ...और पढ़ें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा सदर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन संबंधी सरकार के फैसले को एक बार फिर तर्कसंगत बताते हुए कहा कि सरकार गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हर हाल में करेगी।
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मुख्यमंत्री यहां विभिन्न विकास संबंधी योजनाओं के उद्घाटन समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा 'मुझे कल शाम छह बजे किसी ने एसएमएस किया कि आपकी लोकप्रियता खत्म हो गयी है। आप बताएं कि सरकार अपना काम करेगी या नहीं।' उन्होंने कहा कि सच्चाई आप [मीडिया] भी जानते हैं और सरकार भी। सरकार को जो कार्रवाई करनी थी, वह की। उसने आरोपी अधिकारी को चार्जशीट दी। अब प्रक्रिया को चलने दीजिए।' अखिलेश ने एक अन्य सवाल पर कहा कि आप बताएं कि सरकार अपना काम करेगी कि नहीं। जो लोग प्रदेश का माहौल खराब करना चाहेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं।'
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हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्थानीय अभिसूचना इकाई [एलआईयू] की उस रिपोर्ट पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जिसमें कहा गया है कि नोएडा के कादलपुर गांव में मस्जिद की निर्माणाधीन दीवार सदर के एसडीएम नहीं बल्कि जेवर तहसील के एसडीएम ने गिरवायी थी।
एलआईयू द्वारा गृह विभाग तथा पुलिस महानिदेशक कार्यालय को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि रबुपुरा थाना क्षेत्र के कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार को 27 जुलाई को दोपहर एक बजे जेवर के एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा रबुपुरा के थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर गिरवाया था। हालांकि रिपोर्ट में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया गया है।
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गौरतलब है कि खनन माफियों के खिलाफ अभियान चलाने की वजह से सुर्खियों में आई नोएडा सदर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को रबुपुरा क्षेत्र के कादलपुर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार गिरवाने से सांप्रदायिक तनाव फैलने के आरोप में गत 27 जुलाई को निलंबित कर दिया गया था। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई खनन माफिया के कहने पर की गई है।
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