यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शहनाई व किलकारी पर हुकूमत भी मेहरबान
मुजफ्फरनगर राहत शिविरों में विलाप और गम के माहौल में शहनाई और किलकारी की गूंज ने दुखियारों को थोड़ी राहत ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर राहत शिविरों में विलाप और गम के माहौल में शहनाई और किलकारी की गूंज ने दुखियारों को थोड़ी राहत बख्शी तो हुकूमत भी मेहरबान हो गई, भले ही वह सियासी हो। उत्तर प्रदेश सरकार ने लगे हाथ हर जोड़े को एक लाख और जच्चा को बीस हजार रुपये की घोषणा कर सियासी लाभ बटोरने की कोशिश की।
राहत शिविरों में गूंजी किलकारियां
शरणार्थी शिविरों के विस्थापित परिवारों की 27 युवतियां हमकदम के साथ रुखसत हो गईं। शाहपुर कस्बे के हाजी अकरम कुरैशी के आवास पर शादी समारोह में दारुल उलूम देवबंद से जमीअत उलेमा हिंद के सदर हजरत मौलाना अरशद मदनी व मौलाना हजरत सैयद अरशद रशीदा ने सबसे पहले दूल्हों का परिचय कराया। दूल्हा-दुल्हन के पिता, वकील व गवाहों की रजामंदी से बतौर मेहर पांच हजार रुपये तय कर दूल्हा-दुल्हनों से निकाह कबूल कराया। इस सामूहिक निकाह की रस्म में गाजियाबाद, दिल्ली व मुजफ्फरनगर के जिम्मेदार लोगों ने प्रत्येक विवाहित जोड़ों को कलाम पाक, जेवर, कपड़े व अन्य जरूरत का सामान दिया।
मिला 1.10 लाख का नजराना सामूहिक निकाह के मौके पर जमीअत उलेमा हिंद की ओर से प्रत्येक जोड़े को दस-दस हजार रुपये और प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक लाख का चेक देकर शादी का नजराना पेश किया।
.तो देश तबाह हो जाएगा
जमीअत उलेमा हिंद के सदर हजरत मौलाना अरशद मदनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि फिरकापरस्त ताकतें सत्ता में आ गई तो देश तबाह हो जाएगा। हम सभी हिंदुस्तानी हैं। जमीअत उलेमा हिंद हमेशा से फिरकापरस्ती की मुखालफत करता आया है और आगे भी करेगा।
हर जच्चा को 20 हजार
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि दंगा प्रभावित जिन महिलाओं का शरणार्थी शिविर में रहते हुए प्रसव हुआ है, उन्हें प्रदेश सरकार ने 20 हजार रुपये देने की मांग स्वीकार कर ली है। जल्द ही धनराशि लाभार्थियों को दी जाएगी।
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