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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में अल्पसंख्यकों के लिए घोषणाएं

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Published: Tue, 27 Mar 2012 07:45 PM (IST)Updated: Tue, 27 Mar 2012 08:01 PM (IST)

उत्तराखड को अल्पसंख्यकों के लिए एक मॉडल राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार ने एक अलग मंत्रालय के ...और पढ़ें

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देहरादून। उत्तराखंड को अल्पसंख्यकों के लिए एक मॉडल राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार ने एक अलग मंत्रालय के गठन और विशेष बैंकिंग सुविधा प्रदान करने सहित उनके उत्थान के लिए कई कदम उठाए जाने की मंगलवार को घोषणा की।

उत्तराखंड विधानसभा के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल मार्गरेट अल्वा ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक वित्त निगम के दायरे का विस्तार करेगी, ताकि इसे एक वित्तीय व बैंकिंग संस्थान के रूप में विकसित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को शिक्षा के बेहतर अवसर मुहैया करने पर विशेष ध्यान देते हुए सरकार उर्दू व फारसी बोर्ड की स्थापना करेगी। गढ़वाल व कुमाऊं विश्वविद्यालयों के पाठ्यकम्र में उर्दू को विषय के रूप में शामिल किया जाएगा।

सभी आईटीआई, पॉलीटेकनीक व अन्य तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों में अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवकों को बगैर ब्याज के पांच लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण मुहैया करने के लिए मौलाना आजाद शिक्षा वित्त फाउंडेशन का भी गठन करेगी।

दसवीं व 12 वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उतीर्ण करने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को विशेष प्रोत्साहन के रूप में सरकार 10,000 रुपये देगी। सरकार अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा के लिए भी छात्रवृत्ति मुहैया करने को लेकर कदम उठाएगी। राज्यपाल ने कहा कि सभी मदरसों में दोपहर का भोजन मुफ्त मुहैया कराया जाएगा।

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