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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में ट्रेन से कटे 37 यात्री

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Published: Mon, 19 Aug 2013 10:13 AM (IST)Updated: Mon, 19 Aug 2013 11:17 PM (IST)

बिहार में सहरसा-समस्तीपुर रेलखंड के बीच धमारा घाट स्टेशन पर सोमवार सुबह 8.30 बजे राज्यरानी सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में ...और पढ़ें

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खगड़िया, जागरण संवाददाता। बिहार में सहरसा-समस्तीपुर रेलखंड के बीच धमारा घाट स्टेशन पर सोमवार सुबह 8.30 बजे राज्यरानी सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में आकर 37 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि सौ से अधिक घायल हो गए। हताहतों में कांवड़िये भी शामिल हैं। गुस्साई भीड़ ने दो ट्रेनों में आग लगा दी, घटना के बाद से ड्राइवर व गार्ड लापता हैं। हादसे में मारे गए यात्रियों में ज्यादातर संख्या महिलाओं की है। इनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। सभी मृतकों की पहचान कर ली गई है, ज्यादातर लोग सहरसा, खगड़िया व समस्तीपुर जिले के हैं। हादसे के बाद से इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप है।

जानिए, ट्रेन हादसे के बाद राजनीतिक के गलियारे में क्या चल रहा है।

एक नजर में पढ़ें, अब तक बड़े रेल हादसे

खगड़िया के कात्यायनी में सावन के हर सोमवार पर लगने वाले मेले में जा रहे श्रद्धालु बड़ी संख्या में समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन व सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन से सुबह के वक्त धमारा घाट स्टेशन पर उतरे। प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्री पटरियां पार करने लगे। तभी तेज गति से आ रही राज्यरानी सुपरफास्ट ट्रेन यात्रियों से भरे रेलवे ट्रैक को चीरती चली गई। ट्रेन की चपेट में आकर करीब 37 लोगों को मौत हो गई और सौ से अधिक घायल हो गए। कई शव ट्रेन के पहियों में फंसकर दूर तक बिखर गए। हालांकि प्रशासन 28 मौत की ही पुष्टि कर रहा है। उग्र भीड़ ने राज्यरानी सुपरफास्ट ट्रेन के दोनों ड्राइवर व गार्ड को घेर लिया। घटना के बाद से तीनों लापता बताए जाते हैं।

भीड़ को उग्र देख अन्य स्टेशनकर्मी भाग गए और लोगों ने टिकट काउंटर में भी तोड़फोड़ की। भीड़ ने राज्यरानी सुपरफास्ट ट्रेन व सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन में आग लगा दी। मौके पर पहुंचे डीएम परवेज आलम ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में नाव की व्यवस्था की गई है, क्योंकि घटनास्थल के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। घटना के चश्मदीद सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राज्यरानी सुपरफास्ट के ड्राइवर ने हॉर्न बजाया होता तो कई लोगों की जान बच सकती थी। यात्री कुदूस का कहना है कि ड्राइवर ने सही समय पर ट्रेन रोक दी वरना पांच सौ से ज्यादा लोग मारे जाते।

इस बीच लखीसराय जिले के किऊल-मोकामा रेलखंड के बीच अशोकधाम रेलवे हाल्ट पर ट्रेन के ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। यहां अशोकधाम से पूजा कर लौटे श्रद्धालु ट्रैक पर बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। तभी डाउन लाइन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन आती देख यात्रियों में भगदड़ मच गई। रेलवे ट्रैक पर गिरकर कई चोटिल भी हो गए। लेकिन ट्रेन के ड्राइवर ने आपातकालीन ब्रेक लगाकर बड़ा हादसा टाल दिया।

अब तक उपलब्ध मृतकों की सूची

1. दुखन देवी, (28),खुरिया, मानसी, खगड़िया

2. सौरभ कुमार,(5), पिता -हरिवल्लभ यादव, खुरिया, मानसी, खगड़िया

3. जनार्दन यादव - पिता- रामेश्वर यादव, रानी राठरपुरा, ईमली , खगड़िया

4. चित्तौड़ महतो (35), इलौंच, चौथम, खगड़िया।

5. जीतो देवी, नारायणपुर, नवगछिया, भागलपुर।

6. सूचन देवी, पति - सदानंद मालाकार, गोगरी, खगड़िया।

7. सोदारत - बंगलिया टोला, चौथम, खगड़िया

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