यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किरण के लिए भाजपा की राह आसान नहीं
दिल्ली में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही एक बार फिर से देश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी किरण ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही एक बार फिर से देश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी किरण बेदी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल कर उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन इस बार विरोध के स्वर भी सुनाई दे रहे हैं, जिससे लगता है कि उनके लिए भाजपा में राह आसान नहीं है।
पहले दिल्ली में भाजपा संघर्ष कर रही थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। पार्टी ने सातों लोकसभा सीटें शानदार ढंग से जीत ली है। इससे यहां के नेताओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा हुआ है। इसलिए जो नेता पहले किरण बेदी को पार्टी में शामिल कर चुनाव लड़ाने को फायदेमंद मान रहे थे, अब उनका विरोध शुरू कर दिया है।
उनके मुताबिक, जब पार्टी को उनकी जरूरत थी, तब तो वह भाजपा में शामिल होने से बचती रहीं। अब जनता भाजपा के साथ है, इसलिए किसी बाहरी व्यक्ति के बजाए अपने नेताओं पर विश्वास कर चुनाव मैदान में उतरना चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह का कहना है कि उन्हें किरण बेदी के भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई जानकारी नहीं है।
