यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में होता था भ्रष्टाचार पर रिसर्च: अखिलेश
लखनऊ। यूपी को विकास के मामले में मॉडल बनाने को आतुर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निवेशक न मिलने से खासे आहत ...और पढ़ें

लखनऊ। यूपी को विकास के मामले में मॉडल बनाने को आतुर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निवेशक न मिलने से खासे आहत हैं। आज लखनऊ में रेडियो टैक्सी तथा ऑनलाइन वाहन रजिस्ट्रेशन सेवा का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने निवेशक न मिलने का ठीकरा भी बसपा पर फोड़ा। साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि बसपा सरकार के कार्यकाल में पंचम तल (मुख्यमंत्री सचिवालय) पर भ्रष्टाचार पर अनुसंधान (रिसर्च) होता था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कि मायावती सरकार में पंचम तल पर करप्शन करने के लिए रिसर्च होती थी। हर योजना में किस तरह से घोटाला करने की होड़ लगी रहती थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि प्रदेश में उनकी सरकार को पीपीपी मॉडल के लिए निवेशक नहीं मिल रहे हैं। इसका ठीकरा भी उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर फोड़ा।
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उन्होंने कहा कि मायावती के कार्यकाल में निवेशकों को बहुत ही ज्यादा छूट दे दी गई थी, इसके कारण वो बेलगाम हो गए थे।
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उन्होंने माना कि हम निवेशकों को उतनी छूट नहीं दे पा रहे हैं जिसके कारण फिलहाल प्रदेश में पीपीपी मॉडल की कोई भी योजना शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने आज लखनऊ में रेडियो टैक्सी सेवा शुरू करने के साथ ही ऑनलाइन वाहन रजिस्ट्रेशन का भी आगाज किया। ऑनलाइन वाहन रजिस्ट्रेशन की सुविधा फिलहाल लखनऊ व गाजियाबाद के लिए है। बाद में इसे राज्य के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।
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