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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कश्‍मीर घाटी: सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अलगाववादी को किया गया नजरबंद

By Suchi SinhaEdited By:
Published: Wed, 15 Feb 2017 12:08 PM (IST)Updated: Wed, 15 Feb 2017 01:42 PM (IST)

कुलगाम मार्च के मद्देनजर पूरी वादी में कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी कर दी है।

कश्‍मीर घाटी: सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अलगाववादी को किया गया नजरबंद
कश्‍मीर घाटी: सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अलगाववादी को किया गया नजरबंद

श्रीनगर(जेएनएन)। प्रशासन ने बुधवार को अलगाववादियों द्वारा प्रायोजित कुलगाम मार्च के मद्देनजर पूरी वादी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इस बीच,कटटरपंथी सईद अली शाह गिलानी और उदारवादी हुर्रयत कांफ्रेंस के चेयरमैन मीरवाईज मौलवी उमर फारुक समेत सभी प्रमुख अलगाववादी नेताओं को उनके घरों में नजरबंद रखा गया है। इस बीच, जेकेएलएफ के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक को श्रीनगर में उनके घर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

हालांकि प्रशासन ने वादी में किसी जगह कर्फ्यू से इंकार किया है लेकिन सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया गया है। श्रीनगर के डाउन टाउन में कुछ सडकों को कटीली तार से बंद किया गया है। इसके अलावा दक्षिण कश्मीर में कुलगाम की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तो को पूरी तरह सील कर दिया गया है। अनंतनाग,कुलगाम,शोपियां और पुलवामा कुलगाम मार्च से पूरी तरह प्रभावित है, जबकि श्रीनगर में सामान्य जनजीवन पर इसका असर कुछेक इलाकों में आंशिक तौर पर ही देखा गया है।

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उल्लेखनीय है कि रविवार को रक्षाबलों के साथ मुठभेड में चार स्थानीय आतंकी मारे गए थे। इस दौरान वहां व्यापक हिंसा भी हुई और उसमें दो नागरिक की भी मौत हो गई। आतंकियों की मौत के खिलाफ ही अलगाववादियों खेमे ने आज कुलगाम चलो का नारा देते हुए लोगों से दिवंगत आतंकियों के घर जाकर उनके परिजनों के साथ संवेदना जताने को कहा है।

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