यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी विधानसभा चुनाव: सातवें चरण में भी दागी उम्मीदवारों का बोलबाला
सातवें चरण में कुल 535 उम्मीदवार खड़े हैं। जिसमें से 95 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छह चरण का चुनाव संपन्न हो चुका है। बुधवार को सातवें और अंतिम चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं। राजनीतिक दलों के तमाम दावों के बावजूद इस दौर में भी आपराधिक रिकार्ड वाले और दागी उम्मीदवारों के प्रति मोह कम होता नहीं दिखा। सातवें चरण में जहां 115 यानी 22 फीसद प्रत्याशी दागी और आपराधिक रिकार्ड वाले हैं।
यह लेखा-जोखा एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) व इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में सामने आया है। आठ मार्च को होने वाले सातवें चरण में सात जिलों की 40 सीटों पर चुनाव होना है। इन सीटों पर कुल 535 उम्मीदवार खड़े हैं। जिसमें से 95 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, महिलाओं के ऊपर अत्याचार से संबंधित अपराध शामिल हैं।
9 उम्मीदवारों पर हत्या (आईपीसी-302) से संबंधित मामले दर्ज हैं। 15 उम्मीदवारों पर हत्या का प्रयास (आईपीसी-307) से संबंधित मामले और 6 उम्मीदवारों पर महिलाओं के ऊपर अत्याचार करने के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पांच उम्मीदवारों पर अपहरण से संबंधित मामले दर्ज हैं।
इस दौर में दलगत स्थिति का आकलन करने पर पार्टियों में दागी उम्मीदवारों का आंकड़ा इस प्रकार है।
सपा 19 (61 फीसद)
कांग्रेस 5 (56 फीसद)
बसपा 17 (43 फीसद
भाजपा 13 (42 फीसद)
रालोद 4 (19 फीसद)
निर्दलीय 22 (16 फीसद)
गंभीर आपराधिक रिकार्ड 95 (18 फीसद)
सपा 15 (48 फीसद)
कांग्रेस 5 (56 फीसद)
बसपा 15 (38 फीसद
भाजपा 09 (29 फीसद)
रालोद 3 (14 फीसद)
निर्दलीय 18 (13 फीसद)
