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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी को रोकने के लिए माकपा को कांग्रेस के समर्थन से गुरेज नहीं

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Published: Mon, 31 Mar 2014 08:00 PM (IST)Updated: Tue, 01 Apr 2014 07:33 AM (IST)

भाजपा की विरोधी पार्टियां नरेंद्र मोदी को पीएम बनने से रोकने के लिए अभी से ही कवायद में जुट गई ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। भाजपा की विरोधी पार्टियां नरेंद्र मोदी को पीएम बनने से रोकने के लिए अभी से ही कवायद में जुट गई हैं। इसी क्रम में माकपा ने भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए चुनाव बाद सेक्युलर फ्रंट बनाने के संकेत दिए हैं।

माकपा महासचिव प्रकाश कारत ने सोमवार को कहा कि चुनाव के बाद सेक्युलर फ्रंट बन सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें कांग्रेस के समर्थन से कोई ऐतराज नहीं है। गौरतलब है कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और रक्षा मंत्री एके एंटनी ने केरल की सभा में वामदलों को कांग्रेस के नेतृत्व में सेक्युलर फ्रंट के तहत एकजुट होने की अपील की थी।

कारत ने एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगी। उन्होंने एंटनी के केरल में दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के बाद एंटनी और कांग्रेस के सामने एक ही रास्ता होगा कि वह सेक्युलर मोर्चे को समर्थन दें। कारत ने कहा कि हमें भाजपा को सरकार से दूर रखने के लिए सेक्युलर मोर्चे में कांग्रेस के समर्थन से कोई आपत्ति नहीं है।

मोर्चे के नेतृत्व के प्रश्न पर कारत ने कहा कि इसका फैसला चुनाव के बाद तय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 1996 में ऐसे ही हालात में संयुक्त मोर्चा बना था और नेता चुना गया था।

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