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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NGT में सुनवाई के बीच श्री श्री रविशंकर का ट्वीट, कार्यक्रम पर न करें राजनीति

By Manoj YadavEdited By:
Published: Wed, 09 Mar 2016 01:09 PM (IST)Updated: Wed, 09 Mar 2016 01:25 PM (IST)

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के विवादित विश्व संस्कृति महोत्सव के आयोजन को लेकर बुधवार को एनजीटी में सुनवाई चल रही है।

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नई दिल्ली। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के विवादित विश्व संस्कृति महोत्सव के आयोजन को लेकर बुधवार को एनजीटी में सुनवाई चल रही है। यमुना किनारे 11 से 13 मार्च तक होने वाले इस महोत्सव में शिरकत करने से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पहले ही इन्कार कर चुके हैं।

इस बीच श्री रविशंकर ने ट्वीट किया है कि कार्यक्रम को लेकर कोई राजनीति नहीं हो। इसका मकसद दुनिया के लोगों को जोड़ना है। आइए और साथ जुड़िए। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम 100 एकड़ में हो रहा है और इसमें 155 देशों के करीब 35 लाख लोगों के आने की उम्मीद है।

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इस बात पर भी अब संशय पैदा हो गया है कि शुक्रवार को कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे या नहीं। मंगलवार को महोत्सव के खिलाफ दायर याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्र सरकार से पूछा है कि महोत्सव को पर्यावरण मंजूरी क्यों नहीं चाहिए।

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एनजीटी के चेयरमैन स्वतंत्र कुमार ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को बुधवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय के अधिवक्ता ने एनजीटी को बताया कि आयोजन स्थल पर मलबा नहीं मिला है। नियमों के अनुसार, यमुना के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में अस्थायी निर्माण के लिए अनुमति नहीं चाहिए।

11 मार्च से होना है आयोजन

श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के 35 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 11 से 13 मार्च तक यमुना किनारे (मयूर विहार फेज-1) विश्व संस्कृति महोत्सव का आयोजन होना है। महोत्सव के खिलाफ यमुना जिए अभियान एनजीओ के संयोजक मनोज मिश्रा समेत अन्य पर्यावरणविदों ने याचिका दायर की है।

याचिका में कहा गया है कि महोत्सव स्थल पर एनजीटी के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। एनजीटी ने यमुना के बाढ़ग्रस्त इलाकों में किसी भी तरह के निर्माणकार्य पर रोक लगाई है।