अब दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेगी सपा की 'साइकिल'
सूबे में चुनावी अभियान चलाने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने दिल्ली में भी दखल बढ़ाने के अभियान में जुटेगी। दरअसल, सपा में सांप्रदायिक साजिशों का भंडाफोड़ करने के लिए साइकिल रैली निकालकर तीसरी ताकत की मजबूती का अहसास कराने की रूपरेखा तैयार की गई। इसके लिए 22 फरवरी के बाद दिल्ली में साइकिल यात्रा निकालेगी, जिसकी जि
लखनऊ। सूबे में चुनावी अभियान चलाने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने दिल्ली में भी दखल बढ़ाने के अभियान में जुटेगी। दरअसल, सपा में सांप्रदायिक साजिशों का भंडाफोड़ करने के लिए साइकिल रैली निकालकर तीसरी ताकत की मजबूती का अहसास कराने की रूपरेखा तैयार की गई। इसके लिए 22 फरवरी के बाद दिल्ली में साइकिल यात्रा निकालेगी, जिसकी जिम्मेदारी युवा इकाई के पास होगी।
सपा इस लोकसभा चुनाव में जहां तीसरी ताकत की अलमबरदारी के प्रयास में जुटी हैं, वहीं उसके रणनीतिकार पार्टी की राष्ट्रीय छवि तैयार करने में लगे हैं। मध्य प्रदेश में बसपा के पूर्व सांसद को पार्टी में शामिल कराने और चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाने के बाद दिल्ली में साइकिल यात्रा इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार एक से सात फरवरी तक चलने वाले साइकिल यात्रा अभियान के बाद हापुड़, नोएडा और गाजियाबाद में बड़े नेताओं की मौजूदगी में साइकिल रैली निकाली जाएगी। फिर गजरौला, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर में इस क्रम को दोहराया जाना है।
दिल्ली में रैली निकालने का उद्देश्य अपने मतों का आधार खड़ा करना तो है ही, इससे छवि को राष्ट्रीय स्तर पर उभारने में भी सहूलियत होगी। सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी का दावा है कि एक फरवरी से शुरू हुई साइिकल रैलियों को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। हर वर्ग के लोग इस रैली में शामिल हो रहे हैं। विधानसभा चुनाव जैसा माहौल बन गया है। सपा सिर्फ राज्य की पार्टी नहीं है। पार्टी के कार्यकर्ता देश भर में है। हर राज्य में साइकिल यात्राएं होंगी।
'मिशन मोदी' पर हमला बोलने की तैयार में सपा
सपा की बैठक में निशाने पर मोदी अब समाजवादी पार्टी भाजपा के 'मिशन मोदी' पर हमला बोलने की तैयारी कर रही है। सपा राज्य संसदीय बोर्ड की संयुक्त बैठक में भाजपा निशाने पर रही। लोकसभा चुनाव की जंग से पहले सियासी 'लाव-लश्कर' दुरुस्त करने में जुटी समाजवादी पार्टी की इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, अहमद हसन, राम गोविन्द चौधरी भी शामिल हुए। तय हुआ कि सांप्रदायिक साजिशों का भंडाफोड़ के लिए साइकिल यात्रा को गांव-गांव तक भेजा जाएगा। बूथ कमेटियों को और मजबूत किया जाएगा। नुक्कड़ सभाएं होंगी, जिसमें एक राज्य स्तरीय प्रेक्षक मौजूद रहेगा।
कुछ नेताओं ने कहा कि भाजपा व उसके अनुसांगिक संगठन सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के प्रयास में हैं, जिससे जनता को खबरदार करने का जिम्मा कार्यकर्ताओं को ही उठाना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार की उपलब्धियां जनता को बताई जाएं। इन्हीं के बल पर चुनाव जीतना है। सदस्य केसी पाण्डेय ने संस्कृत विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल करने का मुद्दा उठाया, जिस पर सहमति भी हो गई। हर तीन साल में होने वाला राज्य सम्मेलन इस बार लखनऊ में होगा। जिसकी तारीख निर्धारित करने का जिम्मा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपा गया।
सपा का अगला अभियानसमाजवादी पार्टी का राज्य सम्मेलन लखनऊ में होगा
एक जून 2014 से सघन सदस्यता अभियान
छह से 10 फरवरी तक सामाजिक न्याय यात्रा का चौथा चरण
संस्कृत विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल किया जाएगा
हर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभाएं होंगी
16 से 20 फरवरी तक बूथ प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक
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