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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोनिया ने किया मनमोहन का गुणगान

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Published: Wed, 07 May 2014 06:08 AM (IST)Updated: Wed, 07 May 2014 06:07 PM (IST)

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनाव नतीजे आने के पहले ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दस साल ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनाव नतीजे आने के पहले ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दस साल तक गठबंधन की सरकार का मुखिया बने रहने के लिए शुक्रिया कर दिया है। उन्होंने गठबंधन में सबको साथ लेकर चलने के लिए प्रधानमंत्री का गुणगान किया। सोनिया ने मंगलवार को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की अंतिम बैठक कर एनएसी में शामिल रहे एनजीओ के लोगों का भी धन्यवाद किया। बैठक में पीएम ने परिषद के कुछ सुझावों पर अमल नहीं कर पाने की मजबूरी भी गिनाई।

सोनिया की अध्यक्षता वाली एनएसी की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। सरकार को शासन चलाने संबंधी सलाह देने के लिए बनाई गई इस परिषद की यह आखिरी बैठक थी। सोनिया ने इसी बैठक में संप्रग सरकार का चेहरा रहे मनमोहन सिंह का विदाई भाषण भी दे दिया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह में आम सहमति बनाने की अद्भुत क्षमता रही है। उन्होंने एनएसी के सुझावों को सरकार में लागू कराने में दिखाई तत्परता के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।

प्रधानमंत्री ने एनएसी व उसके सुझावों की अहमियत की दाद दी। हालांकि, उन्होंने कुछ मामलों में आए सुझावों को लागू नहीं कर पाने में अपनी मजबूरी भी जताई। स्वास्थ्य का अधिकार कानून लागू नहीं कर पाने के लिए उन्होंने सरकार के आखिरी दिनों में धन की भारी कमी का हवाला दिया।

सोनिया ने कहा कि एनएसी सरकार को चलाने का एक अनोखा प्रयोग था। इसमें पार्टी व अफसरशाही से अलग गैर-सरकारी संगठनों के लोगों को भी शासन में शामिल किया गया था। संप्रग के दस साल के दौरान सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली एनएसी की काफी अहम भूमिका रही है। संप्रग सरकार के दौरान सूचना का अधिकार कानून, शिक्षा का अधिकार कानून, खाद्य सुरक्षा कानून जैसे अहम कदम एनएसी की सलाह पर ही उठाए गए।

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