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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अपराध को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए समाज-शासन के मजबूत गठजोड़ की जरुरत

By Sanjay PokhriyalEdited By:
Published: Mon, 04 Dec 2017 12:25 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 04 Dec 2017 05:15 PM (GMT+05:30)

लेगाटम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स 2017 के मुताबिक राष्ट्रीय और नागरिक सुरक्षा के मामले में एशिया व यूरोप के कई देश नजीर पेश करते हैं।

अपराध को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए समाज-शासन के मजबूत गठजोड़ की जरुरत
अपराध को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए समाज-शासन के मजबूत गठजोड़ की जरुरत

नई दिल्ली (जेएनएन)। लेगाटम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स 2017 के मुताबिक राष्ट्रीय और नागरिक सुरक्षा के मामले में एशिया व यूरोप के कई देश नजीर पेश करते हैं। यहां शासन के साथ समाज मिलकर इस धब्बे को दूर करने में जुटा है। इस सूची में पहले स्थान पर है दक्षिण एशियाई देश सिंगापुर।

सिंगापुर : दक्षिण एशिया का छोटा सा देश सिंगापुर दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना जाता है। 56 लाख की आबादी वाले इस देश में अपराध दर दुनिया में सबसे कम है। यहां हथियारों की बिक्री और खरीद के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं, इसलिए अधिकतर अपराध अहिंसक होते हैं। गैरकानूनी रूप से हथियार रखने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यही कारण है कि यहां पाकेट मारना, पर्स छीनना या अनजान पड़ी वस्तु को चुरा लेने जैसे अपराध ज्यादा होते हैं। महिलाओं के प्रति अपराध जैसे गंभीर मामले में अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाती है। 

आइसलैंड : 3.32 लाख लोगों की आबादी वाले इस यूरोपीय देश र्में हिंसक अपराधों की दर बेहद कम है। आइसलैंड शांतिप्रिय देश माना जाता है। 1944 में जब यह डेनमार्क से अलग हुआ था तब भी कोर्ई हिंसा या दंगा नहीं हुआ। यहां न तो सरहदों पर सेना तैनात रहती हैं और न पुलिस हथियार लेकर चलती है। यहां 1.8 की औसत से साल में हत्या की घटनाएं होती हैं। 2008 में वहां साल भर में एक भी हत्या की घटना को अंजाम नहीं दिया गया। हालांकि यहां हर घर में बंदूक मिलना आम है, लेकिन इसके लिए लोगों को मेडिकल और लिखित परीक्षा से गुजरना पड़ता है। 

नॉर्वे : अमेरिका और पश्चिमी यूरोपीय देशों के मुकाबले नॉर्वे में अपराध दर काफी कम है। 2015 की तुलना में 2016 में कुल अपराधों की संख्या में 4.5 फीसद की गिरावट रही। 2009 में प्रति दस लाख आबादी पर मात्र 0.6 हत्या की घटनाएं हुई थी, जबकि अमेरिका में प्रति दस लाख आबादी पर 5 हत्याएं हुईं। इसका एक बड़ा कारण है यहां ड्रग और अन्य अवैध मादक पदार्थों पर लगी रोक। यहां की जेलों में अपराधियों के साथ अमानवीय बर्ताव नहीं किया जाता। इसके चलते अपराधियों को सुधरने का मौका मिलता है और वे दोबारा अपराध की तरफ नहीं मुड़ते। 

जापान : 1950 के बाद से जापान में हत्या दर लगातार कम होती रही। यहां प्रत्येक दस लाख की आबादी पर एक से भी कम व्यक्ति की हत्या होती है। 2002 में यहां 28.53 लाख अपराध रिकॉर्ड किए गए, जो 2012 में आधे होकर सिर्फ 13.82 लाख रह गए। यहां हर 175 घरों में से सिर्फ एक घर में बंदूक मिलती है। यहां की न्याय प्रणाली काफी क्रूर मानी जाती है। इससे बचने के लिए भी लोग अपराधों से दूर रहते हैं। 

हांगकांग : इस एशियाई देश में हत्याओं की दर काफी कम है। यहां होने वाले अधिकतर अपराधों में चोरी, धोखाधड़ी, घरों में सेंध मारना या मार-पिटाई जैसे अपराध आम हैं। 2016 में यहां हत्या की दर प्रति लाख आबादी पर सिर्फ 0.4 थी। इसके पीछे बड़ा कारण है यहां की कड़ी कानून व्यवस्था। यहां की पुलिस लोगों की सुरक्षा की पूरी तरह से जिम्मेदारी लेती है।

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