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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसएमएस और युवती का यह किस्सा जानकर चौंक जाएंगे

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Fri, 29 May 2015 06:07 AM (IST)Updated: Fri, 29 May 2015 06:15 AM (IST)

मोबाइल के एक एसएमएस ने नर्सिग की छात्रा को अनहोनी से बचा लिया। मूल रूप से देहरादून के विकासनगर इलाके की निवासी यह युवती दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी।

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देहरादून। मोबाइल के एक एसएमएस ने नर्सिग की छात्रा को अनहोनी से बचा लिया। मूल रूप से देहरादून के विकासनगर इलाके की निवासी यह युवती दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी।

परिवार के साथ सफर कर रहे कुछ युवकों ने उसे बोगी में ही बंधक बनाकर शादी करने को दबाव डाला। लेकिन, युवती की सूझबूझ और दून के एक पुलिस अधिकारी की तत्परता ने उसे बड़ी मुसीबत से बचा लिया। नागपुर रेलवे स्टेशन पर सिविल और रेलवे पुलिस ने युवती को मुक्त कराया।

विकासनगर के देहात इलाके में रहने वाले हेराल्ड उर्फ साई की 19 वर्षीय बेटी अंजलि इलियास हैदराबाद में नर्सिग की ट्रेनिंग ले रही है। वह बुधवार शाम को आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस से दिल्ली से हैदराबाद के लिए चली। जिस बोगी में अंजलि बैठी थी, उसमें एक ही परिवार के 18-20 लोग सफर कर रहे थे।

बातों-बातों में ये लोग उसके साथ घुलमिल गए। गुरुवार सुबह पहले उन्होंने काफी देर तक उसकी तारीफ की और फिर साथ सफर कर रहे युवकों में किसी एक के साथ शादी करने की बात कह डाली। युवती के असहज होने पर उन्होंने उसे बंधक बना लिया और साथ ले जाने की जिद करने लगे। इतना ही नहीं, उसके फोन करने पर भी पाबंदी लगा दी।

खुद को असुरक्षित महसूस कर युवती ने बेहद समझदारी से काम लिया। सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने की बजाए वह गुमसुम बैठी रही। इस बीच, उसने नजरें बचाते हुए सुबह करीब सवा दस बजे किसी तरह दून में अपनी मां के मोबाइल पर अपने फोन से एसएमएस कर खुद के असुरक्षित होने की जानकारी दी।

अगले मैसेज में उसने मां से मदद की गुहार लगाई। परेशान माता-पिता क्षेत्रीय विधायक नवप्रभात और नगर पालिकाध्यक्ष नीरज अग्रवाल के साथ कोतवाली पहुंचे। पुलिस उपाधीक्षक एसके सिंह ने बगैर समय गंवाए सर्विलांस के जरिये युवती की लोकेशन मालूम की, जो दिल्ली और नागपुर के बीच मिली।

डीएसपी ने नागपुर की सिविल व रेलवे पुलिस से संपर्क कर उन्हें पूरा किस्सा बताया। दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन के नागपुर स्टेशन पर पहुंचते ही वहां की पुलिस ने बंधक युवती को मुक्त कराया। पुलिस ने फोन के जरिये युवती की परिजनों से बात कराई तो उनकी सांस में सांस आई।

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