यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुंबई महानगर पालिका चुनाव भाजपा के साथ नहीं लड़ेगी शिवसेना
शिवसेना ने महाराष्ट्र में भाजपा से अलग होने का मन बना लिया है। पार्टी का एक बड़ा धड़ा मना रहा ...और पढ़ें

मुंबई। शिवसेना ने महाराष्ट्र में भाजपा से अलग होने का मन बना लिया है। पार्टी का एक बड़ा धड़ा मना रहा है कि भाजपा के साथ सरकार में रहना सही नहीं है। पार्टी के शीर्ष नेताओं को लगने लगा है कि भाजपा के साथ मिलकर चलने से वह मुंबई में अपना आधार खोती जा रही है।
महाराष्ट्र में भाजपा की लोकप्रियता बढ़ रही है। शिवसेना इससे डर गई है। उसे आशंका है कि ऐसी ही चलता रहा तो आगामी महानगरपालिका चुनावों में उसे भारी कीमत चुकाना पड़ सकती है। इसलिए महानगर पालिका चुनाव पहले से ही उसने अलग चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।
पूर्व के घटनाक्रमों पर नजर डालें, तो साफ हो जाएगा कि शिवसेना के नेताओं ने यह फैसला अचानक नहीं लिया है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी की किताब की लांचिंग के विवाद में भी भाजपा-शिवसेना के बीच रार साफ दिखाई दी थी।
खबर है कि पूरे घटनाक्रम के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने मंत्रियों को महाराष्ट्र सरकार से इस्तीफा देने को कह सकते हैं।
