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    बुरहान की मौत से घाटी में तनाव, पुलवामा में पत्थरबाजी

    By Lalit RaiEdited By:
    Updated: Sat, 09 Jul 2016 12:11 PM (IST)

    10 लाख के इनामी आतंकी बुरहान वानी के खात्मे को सुरक्षा एजेंसिया बड़ी कामयाबी बता रही हैं। हालांकि उसके मारे जाने के बाद पूरे कश्मीर में तनाव है।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। हिजबुल मुजाहिदीन का पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। दक्षिण कश्मीर में बमडुरा-कोकरनाग (अनंतनाग) में अपने दो अन्य आतंकी साथियों समेत ढाई घंटे चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया। बुरहान के मारे जाने के बाद कश्मीर में कई इलाकों में तनाव है। अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा में कर्फ्यू लगाया गया है। ऐहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। इसके अलावा काजीगुंड-अनंतनाग रेल सेवा निलंबित है। मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगाई गई है।

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    पुलवामा में बंद के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने सेना के जवानों पर पत्थरबाजी शुरु कर दी। बाद पुलिस अौर सेना के जवानों ने उन्हें खदेड़ा।

    पढ़ेंः आतंकी बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में हालात बिगड़े, अमरनाथ यात्रा रोकी गई

    इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गया। बुरहान के मारे जाने को सुरक्षाबल अहम कामयाबी बता रहे हैं। हालांकि उसके मारे जाने के बाद पूरे कश्मीर में तनाव है। हुर्रियत से जुड़े अलगाववादी नेताओं ने बंद बुलाया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि अगर ये खबर पुख्ता है तो ये बड़ी खबर है।

    जानिए, बुरहान वानी के आतंकी बनने की पूरी कहानी

    बुरहान की मौत की खबर फैलने के साथ ही हिंसक प्रदर्शनों का जो दौर कोकरनाग में शुरु हुआ, वह देर रात गए तक अनंतनाग,कोयमू कुलगाम,पांपोर,त्राल, पुलवामा, अवंतीपोर, श्रीनगर, सोपोर और बारामुला में बड़ी संख्या में लोग उत्तेजक नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। उन्होंने पुलिस व सुरक्षाबलों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरु कर दिया। हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को भी लाठियां व आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा,जिसमें कथित तौर पर चार लोगों के जख्मी होने की सूचना है।

    आतंकी कमांडर की मौत के बाद कश्मीर में जगह जगह मस्जिदों में जिहादी तराने और एलान होने लगे। नौहटटा समेत कई इलाकों में लोगों ने आतंकी कमांडर के हलिए गायबाना नमाज भी अदा की।

    नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी बुरहान वानी की मौत पर ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीटर हैंडलर पर लिखा है कि बंदूक उठाने वालों में बुरहान वानी न पहला कश्मीरी नौजवान है और न अंतिम। जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस हमेशा से ही कश्मीर समस्या के राजनीतिक हल पर जोर देती आई है। उन्होंने आगे लिखा है कि जब तक मैं मुख्यमंत्री था, मुझे याद नहीं कि कोई बड़ी आतंकी घटना में वह शामिल रहा हो, मेरे मुख्यमंत्री न रहने के बाद की उसकी गतिविधियों का मुझे ज्यादा पता नहीं।

    अलगाववादियों ने किया बंद का एलान

    कट्टरपंथी हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन सईद अली शाह गिलानी, उदारवादी हुर्रियत चेयरमैन मीरवाइज मौलवी उमर फारूक, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक और महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी ने शनिवार को कश्मीर बंद का आहवान किया है। अलगाववादियों ने लोगों से शनिवार को पूर्ण हड़ताल करते हुए बुरहान व उसके साथियों के लिए गायबाना नमाज ए जनाजा भी आयोजित करने को कहा है। मलिक और आसिया अंद्राबी ने कहा कि इन नौजवानों के खून का कश्मीर हमेशा कर्जदार रहेगा और इनके नाम कश्मीर की आजादी की तहरीक में सुनहरे अक्षरों में लिखे जाएंगे।

    प्रशासन ने बुरहान की मौत के बाद भड़की हिंसा के बाद श्रीनगर शहर मैसूमा व डाउन-टाउन के अलावा कुलगाम, पुलवामा, अनंतनाग व त्राल में शनिवार को निषेधाज्ञा लगाने का फैसला किया है। दक्षिण कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में इंटरनेट की टूजी व थ्री जी सेवा को भी बंद रखने का निर्णय हुआ है।

    रेल सेवा रहेगी बंद

    आतंकी कमांडर की मौत के बाद भड़की ङ्क्षहसा और अलगाववादियों द्वारा आयोजित किए जा रहे बंद के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शनिवार को बारामुला-बनिहाल रेल सेवा बंद रखने का फैसला किया है।

    बोर्ड की परीक्षा स्थगित

    जम्मू-कश्मीर स्कूल बोर्ड ऑफ एजूकेशन के चेयरमैन जहूर अहमद चाट ने शुक्रवार को कहा कि शनिवार को बंद के मद्देनजर छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 9 जुलाई को कश्मीर में होने वाली 11वीं की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।

    वर्ष 2010 से सक्रिय आतंकी कमांडर बुरहान की मौत की खबर फैलते ही बमडुरा, कोकरनाग और त्राल के विभिन्न हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा ने बुरहान वानी के मारे जाने की पुष्टिï करते हुए कहा कि यह सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। उसके साथ सरताज अहमद और मासूम अहमद शाह निवासी पहलगाम नाम के आतंकी मारे गए हैं। बुरहान के जिंदा अथवा मुर्दा पकड़े जाने पर दस लाख का नकद इनाम था।

    अनंतनाग से मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के जरिए स्थानीय युवकों को आतंकी संगठन में भर्ती करने में जुटा बुरहान अपने दो अन्य साथियों के साथ बमडुरा में अपने ठिकाने पर गत रोज आया था। बुरहान छह साल से सुरक्षाबलों को चकमा दे रहा था। बताया जाता है कि यह ठिकाना सरताज के निकट संबंधी का था। सरताज 16 साल पुराना आतंकी है। उसने सुरक्षाबलों के समक्ष कुछ साल पहले सरेंडर किया था, लेकिन दो साल पहले वह फिर हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया। वह बुरहान के करीबियों में से एक था। अधिकारियों ने बताया कि साढ़े चार बजे डाडसर-त्राल के रहने वाले 22 वर्षीय बुरहान के बमडुऱा में छिपने की सूचना मिलते ही सेना की 19 आरआर व राज्य पुलिस के संयुक्त कार्यदल ने घेराबंदी कर दी। आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा। सरताज ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंकते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर अन्य साथियों को वहां से भगाने का प्रयास किया।

    सबसे पहले सरताज मारा गया। बुरहान व उसके साथी ने दोबारा मकान के भीतर शरण लेते हुए फायर जारी रखा। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और जिंदा बचे बुरहान व उसके साथी को भी मार गिराया। इस दौरान हुए धमाकों में आतंकी ठिकाना बना मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। सात बजे तक तीनों आतंकियों को मार गिराया। उनके शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में पहुंचा दिए गए थे। इस दौरान एक पुलिसकर्मी शम्सुदीन घायल हो गया। उसके कंधे में गोली लगी। बुरहान की मौत की खबर फैलते ङ्क्षहसक प्रदर्शनों का कोकरनाग में शुरू हो गया। देर रात तक अनंतनाग, कोयमू कुलगाम,पांपोर,त्राल, पुलवामा, अवंतीपोर, श्रीनगर, सोपोर और बारामुला में बड़ी संख्या में लोग उत्तेजक नारेबाजी करते रहे। उन्होंने पुलिस व सुरक्षाबलों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। हिसंा पर काबू पाने के लिए पुलिस को भी लाठियां व आंसूगैस का सहारा लेना पड़ा, जिसमें चार लोगों के जख्मी होने की सूचना है।

    बुरहान हमलों की साजिश करता था

    राज्य पुलिस महानिदेशक के राजेंद्र के अनुसार बुरहान ने खुद किसी बड़ी आतंकी वारदात में हिस्सा नहीं लिया था। लेकिन वह लश्कर और जैश ए मुहम्मद के बीच दक्षिण कश्मीर में कोआर्डिनेटर की भूमिका निभाने के अलावा सुरक्षाबलों पर हमलों की साजिश रचने में अहम रोल अदा करता था। वह माटिवेटर जबरदस्त था और उसने इंटरनेट व अन्य माध्यमों के इस्तेमाल से कई नौजवानों को आतंकी बनने के लिए प्रेरित किया।

    बुरहान वानी के मारे जाने के बाद जम्मू से आगे नहीं जाएंगे अमरनाथ यात्री