विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिट एंड रन : सलमान को 5 साल की जेल, फिर 2 दिन की बेल

By manoj yadavEdited By:
Published: Wed, 06 May 2015 07:11 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 07 May 2015 07:59 AM (GMT+05:30)

करीब 13 साल पुराने हिट एंड रन मामले में अभिनेता सलमान खान को आज सत्र न्यायालय ने पांच साल की ...और पढ़ें

News Article Hero Image

राज्य ब्यूरो, मुंबई। करीब 13 साल पुराने हिट एंड रन मामले में अभिनेता सलमान खान को आज सत्र न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई। लेकिन मुंबई उच्चन्यायालय से दो दिन की अंतरिम जमानत मिल जाने के कारण वह जेल जाने से बच गए हैं।

28 सितंबर, 2002 की रात मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में सलमान खान की लैंड क्रूजर कार से हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी और चार घायल हो गए थे। दुर्घटना के इसी मामले में आज मुंबई के सत्र न्यायालय ने सलमान खान को भारतीय दंड विधान की धारा 304(2) सहित कुल आठ धाराओं में पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25000 रुपए नकद जुर्माने की सजा सुनाई। लेकिन सलमान के परिवार और उनके वकीलों की मुस्तैद टीम ने तीन घंटे के अंदर ही मुंबई उच्च न्यायालय से उनके लिए दो दिन की अंतरिम जमानत हासिल कर उन्हें आज जेल जाने से बचा लिया।

सलमान खान बुधवार सुबह 9.47 बजे अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने बांद्रा स्थित घर गैलेक्सी अपार्टमेंट से सत्र न्यायालय के लिए निकले थे। वह करीब 10.45 बजे अदालत पहुंच गए थे। उनके साथ उनकी दोनों बहनें अर्पिता एवं अलविरा तथा दोनों भाई सुहैल एवं अरबाज भी कोर्ट में मौजूद थे। करीब 11.15 बजे सत्र न्यायालय के जज डी.डब्ल्यू. देशपांडे ने सलमान से पूछा कि आप पर सभी आरोप साबित हो रहे हैं। आपको 10 साल तक की सजा हो सकती है। आपको कुछ कहना है ? जवाब में सलमान ने कहा कि आप जज हैं। आप जो करेंगे ठीक होगा। सलमान के इस जवाब के बाद ही जज ने आईपीसी की धारा 304 (2) अर्थात गैरइरादतन हत्या सहित सात अन्य धाराओं में दोषी करार दिया और सलमान ने चुपचाप सिर झुका लिया।

सलमान पर दोष सिद्ध होने के बाद अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष के वकीलों में सजा की अवधि को लेकर जिरह शुरू हुई। अभियोजन पक्ष गैरइरादतन हत्या के मामले में सलमान के लिए पूरे 10 साल के सश्रम कारावास की मांग कर रहा था। जबकि बचाव पक्ष सलमान द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों का हवाला देते हुए कम से कम, अर्थात तीन वर्ष के कारावास एवं सामाजिक सेवा की सजा देने की मांग कर रहा था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आईपीसी की धारा 304(2) के तहत सलमान को पांच साल के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपए नकद जुर्माने की सजा सुनाई। कुछ अन्य धाराओं के तहत भी कारावास की सजा सुनाई गई, जो पहली सजा के साथ ही चलनी हैं। यह सजा सुनने के बाद सलमान सिर नीचा कर रो पड़े।

माना जा रहा था कि सत्र न्यायालय से तीन साल से अधिक की सजा सुनाए जाने के बाद सलमान को उच्चन्यायालय से जमानत मिलने में कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसी स्थिति में सलमान को मुंबई के आर्थर रोड जेल में रहना पड़ सकता था। उन्हें जेल ले जाने के लिए जेल का वाहन भी तैयार था। लेकिन सुनियोजित रणनीति के तहत उनके वकीलों ने सत्र न्यायालय के निकट ही स्थित मुंबई उच्चन्यायालय में दोपहर 3.15 बजे तक जमानत की अर्जी दाखिल कर दी। चूंकि निचली अदालत से उन्हें सजा के फैसले की प्रमाणित प्रति हासिल नहीं हो सकी थी, इस आधार पर उच्चन्यायालय ने उन्हें दो दिन की अंतरिम जमानत दे दी । सलमान की जमानत पर अगली सुनवाई उच्चन्यायालय में 8 मई को होगी।

पढ़ेंः हिट एंड रन केस: सलमान को हाइकोर्ट से मिली 2 दिन की अंतरिम बेल

पढ़ेंः सलमान खान के लिए बिहार की जुड़वां बहनों ने छोड़ दिया खाना