यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सहारनपुर दंगे की जांच रिपोर्ट पर सियासी घमासान
सहारनपुर दंगे की जांच रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान मच गया है। शिवपाल यादव की अगुवाई वाली सपा ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। सहारनपुर दंगे की जांच रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान मच गया है। शिवपाल यादव की अगुवाई वाली सपा नेताओं की जांच रिपोर्ट को सरकारी रपट बताने से भड़की भाजपा ने इसे मानने से इन्कार कर दिया। पार्टी ने कहा, 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' इस रिपोर्ट में प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा को कठघरे में खड़ा कर रही है।
रिपोर्ट पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है, जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा व सपा दोनों को सांप्रदायिक तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सपा मंत्री शिवपाल यादव ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रशासनिक अधिकारी सूझबूझ से काम लेते तो दंगा टाला जा सकता था। इसमें सहारनपुर के भाजपा सांसद को दंगों का दोषी बताया गया है। सूत्रों की मानें तो सरकार दोषी अफसरों पर कार्रवाई के लिए आयोग से मंगलवार के बाद अनुमति मांग सकती है। जांच कमेटी ने रिपोर्ट में प्रशासनिक ढिलाई के लिए कुछ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया और भाजपा सांसद पर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया। इसके अलावा अन्य नेताओं की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई, जबकि बाहरी तत्वों के शामिल होने की भी जानकारी रिपोर्ट में है।
रिपोर्ट से तिलमिलाई भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि सहारनपुर के सांसद का नाम उन्हें बदनाम करने की नीयत से डाला गया है। ये रिपोर्ट मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देने के लिए बनाई गई है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि मामले की जांच मेरठ के कमिश्नर भूपेंद्र सिंह को भी सौंप रखी है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। सहारनपुर के सांसद ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि 'मैंने दंगा टालने की हरसंभव कोशिश की। सरकार मुझे धन्यवाद कहने के बजाए आरोप लगा रही है।' भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि जब मामले में प्रशासन ही नाकाम साबित हुआ तो दंगों के लिए भाजपा कैसे दोषी हो गई?
दंगों के लिए सपा-भाजपा दोनों दोषी : मायावती
बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर दंगों पर शिवपाल यादव की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट को तथ्यों से परे बताते हुए सपा-भाजपा दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा, रिपोर्ट सच्चाई पर पर्दा डालने के लिए तैयार की गई है। केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से उप्र की हालत और खराब हो गई है। सपा-भाजपा प्रदेश में तनाव भड़का रही हैं।
'ये एक राजनीतिक पार्टी की जांच रिपोर्ट है। मैंने इसे नहीं देखा और इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।'
-राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री