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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाफिज सईद से वैदिक की मुलाकात पर बवाल

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Published: Mon, 14 Jul 2014 08:00 AM (IST)Updated: Tue, 15 Jul 2014 07:48 AM (IST)

भारत के मोस्टवांटेड और आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद से भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की पाकिस्तान में हुई ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। भारत के मोस्टवांटेड और आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद से भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की पाकिस्तान में हुई मुलाकात ने सरकार के लिए नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुलाकात को लेकर हमलावर कांग्रेस ने संसद में सरकार को घेरने का प्रयास किया। हालांकि, वित्त व रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने निजी हैसियत में एक पत्रकार की मुलाकात से सरकार को पूरी तरह अलग बताते हुए स्पष्ट कर किया कि भारत के लिए हाफिज सईद आतंकी है।

राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले विपक्ष की ओर से किए जा रहे हंगामे और सईद-वैदिक मुलाकात के पीछे ट्रेक-2 कूटनीति जैसे आरोपों को जेटली ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इससे कोई लेनादेना नहीं है। भारत के लिए सईद एक आतंकी है, जिसने हमारे देश के खिलाफ साजिशें रची हैं। वरिष्ठ पत्रकार वैदिक भी पिछले दिनों पाक दौरे में लश्कर सरगना हाफिज सईद के साथ अपनी मुलाकात की बात स्वीकार कर चुके हैं। वैदिक ने इसे अपनी पेशेवर मुलाकात करार देते हुए कहा कि वह किसी के दूत की हैसियत से सईद से नहीं मिले थे। मामले पर हमलावर कांग्रेस ने एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गए वैदिक की सईद से मुलाकात के पीछे सरकारी अमले की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसकी मौन सहमति देने के आरोप लगाए। मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया। राज्यसभा में पार्टी नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यह किन्हीं दो सामान्य लोगों की मुलाकात का मामला नहीं है। यह भारत की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। यह बताया जाना चाहिए कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय मिशन ने इसकी सूचना विदेश मंत्रालय को दी या नहीं। साथ ही यह स्पष्ट होना चाहिए कि अब सरकार क्या कार्रवाई करने जा रही है। कांग्रेस ने वैदिक की गिरफ्तारी की मांग की है।

योग गुरु बाबा रामदेव के करीबी माने जाने वाले वैदिक की 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से कथित तौर पर 2 जुलाई को हुई मुलाकात पर आक्रामक कांग्रेस अब तूल देने की भी जुगत तलाश रही है। संकेत हैं कि पार्टी इसके लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की भी तैयारी में है। वैदिक बीते दिनों पाकिस्तान के पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के निमंत्रण पर सीमा पार गए प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। इसमें पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद व पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर समेत कई राजनेता व बुद्धिजीवी शामिल थे। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल तो दो दिन के दौरे के बाद लौट आया, लेकिन वैदिक कुछ दिन रुककर भारत लौटे। इसी दौरान उनकी मुलाकात सईद से हुई।

आतंकी सरगना ने फिर साधा भारत पर निशाना

लश्कर प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद ने भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक से अपनी अनौपचारिक मुलाकात पर हो रही आलोचना को भारत और उसके नेताओं की मानसिक संकीर्णता करार दिया है। उसने मुलाकत पर भारतीय संसद में हुए बवाल को शर्मनाक बताया।

सोशल नेटवर्किग साइट पर मुलाकात का जिक्र करते हुए मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ने कहा कि हमने 26/11 मामले पर भी बात की। इस दौरान चर्चा हुई कि कैसे भारत द्वारा दिए गए सभी सबूत खारिज कर दिए गए। सईद के मुताबिक वैदिक ने उनसे पूछा था कि अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान आते हैं तो क्या हम उसका विरोध करेंगे। हमने उन्हें बताया कि हम इस तरह की राजनीति और विरोध में शिरकत नहीं करते। भारतीय पत्रकार से अपनी मुलाकात को अनौपचारिक बताते हुए सईद ने ट्विटर पर लिखा कि हम सभी से खुले दिल से मिलते हैं, चाहे वो किसी भी देश या धर्म का हो।

रामदेव ने किया बचाव

योग गुरु बाबा रामदेव भी अब इस मुद्दे को लेकर वेद प्रताप वैदिक के बचाव में उतर आए हैं। रामदेव ने कहा कि वैदिक पत्रकार हैं और इस नाते किसी से भी मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैदिक राष्ट्रवादी व्यक्ति हैं, हो सकता है उन्होंने हाफिज सईद से मुलाकात कर उसका हृदय परिवर्तन करने की कोशिश की हो।

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