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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रघुराम राजन ने पत्र लिख अपने सहयोगियों काेे कहा थैंक्‍स, पढ़ें पूरा पत्र

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sat, 18 Jun 2016 06:27 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 18 Jun 2016 08:17 PM (GMT+05:30)

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने एक पत्र लिखकर अपने तय समय पर रिटायर हो जाने का खुलासा किया है। ...और पढ़ें

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मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रघुराम जी राजन ने साफ कर दिया है कि वह सितंबर में रिटायर होकर वापस शिक्षा के क्षेत्र में काम करेंगे। इसका खुलासा करते हुए उन्होंने आरबीआई के अपने सहयोगियों को पूरे आरबीआई परिवार को धन्यवाद दिया है कि उन्होंने मन लगाकर काम किया और उनका पूरा साथ दिया। अपने एक पत्र में उन्होंने उस वक्त को भी याद किया है जब वह गवर्नर पद पर आसीन हुए थे। साथ ही मौजूदा समय में देश की अर्थव्यवस्था में सुधार का भी जिक्र उन्होंंने अपने पत्र में किया है। उनका पूरा पत्र नीचे पढ़ें:-

प्रिय साथियों,

मैंने जब सितंबर 2013 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर पद को संभाला था उस वक्त भारतीय मुद्रा की हालत बेहद खराब थी और वह लगातार नीचे जा रही थी। वहीं मुद्रास्फीति की दर काफी उफान पर थी और वृद्धि दर भी काफी नीचे थी।

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मैंने पद संभालने के बाद अपनी पहले बयान में ही कहा कि मैं एक एजेंडेे को लेकर आगे बढूंगा और इसके लिए आपसे मैंने विचार विमर्श भी किया। यहां तक कि मुद्रास्फीति को कम करने के लिए बनाई जाने वााली नीतियों और इनके फ्रेमवर्क पर भी आपसे बात की। विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने भारत बिल पेमेंट सिस्टम बनाने समेत ट्रेड रिसीवेबल एक्सचेंज बनाने, मोबाइल से पेमेंट करने और लोन का बड़ा डाटाबेस बनाने पर भी आपसे विचार विमर्श किया। इसके अलावा अपने काम में पारदर्शिता लाने का भी पूरा प्रयास किया। इन सभी की वजह से मैं एक पुल तैयार कर सका हूं जिससे होकर हम भविष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं। वह भी ऐसे समय में जब ग्लोबल मार्किट हिचकोले खा रही हो।

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आज मैंं यह कहते हुए बेहद खुश हूं कि आरबीआई ने जिन प्रपोजल को सोचा था वह पूरे भी किए हैं। इसके अलावा मुद्रास्फीति को कम करने के लिए अब भी काम चल रहा है। इसके अलावा बचत करने वालों को बेहतर ब्याज देने पर भी काफी समय से काम चल रहा है।

आज हम ब्याज दर कम करने की सूरत में हैं। वहीं सरकार भी पहली बार 40 वर्ष बॉण्ड जारी करने की सूरत में हुई है। हमारे प्रयासों के चलते आज हमारा विदेशी मुद्रा भंडार रिकार्ड स्तर पर है। आज हम दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था हैं।

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मैंने अपने शुरुआत बयान में जितनी बातें कहीं थी उससे भी कहीं अधिक करके दिखाया है। इसमें सरकार द्वारा सुधारों की प्रक्रिया जारी रखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मैनेजमेंंट, बैंक बोर्ड ब्यूरो (जो कि आरबीआई के कहने पर स्थापित किया गया), बैंकोंं को उनकेे पैसे की रिकवरी के लिए दी जाने वाली छूट, वक्त पर पैसे की अदायगी करने के लिए बनाया गया दबाव जैसी चीजें भी शामिल हैं। हम जल्द ही मोबाइल पेमेंट की भी शुरुआत देश में कर देंगे।

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हमारे कर्मियों जैसा दुनिया में कोई दूसरा नहीं है। हम सब कुछ कर सकते हैं। हमें लोगों से मार्ग दर्शन मिलता है साथ ही अपने लोगों से जिनमें पद्म विभूषण प्राप्त डॉक्टर अनिल काकोदरकर भी शामिल हैं जो पूर्व में एटोमिक एनर्जी कमिशन के चेयरमेन भी रह चुके हैं। साथ ही मैगसेसे अवार्ड विनर इला भट्ट का भी मार्ग दर्शन प्राप्त होता है। हमारे लोगों की काम के प्रति रूचि और पारदर्शिता और हमारी कार्यशैैली कहीं और नहीं मिलती है और मुझे इस पर गर्व है कि मैं आरबीआई का गवर्नर रहा।

मैं शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा हूं आैैर अब जबकि मेरा तीन वर्ष का कार्यकाल खत्म होने को है और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से मिली तीन वर्ष की छुट्टी को मैंंने पूरा जिया है। यह वक्त मेरे लिए बेहद अच्छा था। लेकिन अभ्ाी काफी कुछ होना अभी बाकी है। बैंकोंं की साख को और मजबूत करना अभी बाकी है।

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मैं आपसे कई सारी बातें शेयर कर रहा हूं। मेरा गवर्नर पद का कार्यकाल खत्म होने को है इसके बाद मैं वापस शिक्षा के क्षेत्र में लौट जाउंगा, इसके बावजूद भी मैं अपने देश की सेवा के लिए हर वक्त मौजूद रहूंगा। पिछले तीन वर्षों में मैंने सरकार के साथ मिलकर काम किया और संस्थागत स्थिरता के लिए मंच तैयार किया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से बाहर होने का असर हमारे ऊपर नहीं होगा और हम बिना इस डर के साए के आगे बढ़ सकेंगे। आप लोगों की वजह से बैंक का हौंसला भी बढ़ा है। मुझे उम्मीद है कि सरकार सरकार का सुधार कार्यक्रम जारी रहेगा। आने वाले समय में हम विकास की दृष्टि से कहीं आगे होंगे। मैं आपके साथ अभी कुछ माह और काम करता रहूंगा। मैं आपको और पूरेे आरबीआई परिवार को इसके लिए शुक्रिया कहता हूं कि आप सभी ने मेरे साथ मन लगाकर और मुझे बेहिचक सपोर्ट किया। यह मेरे लिए बेहतरीन सफर था। मैं आप सभी का इसके लिए आभार व्यक्त करता हूं।

आपका

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