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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमृतसर में टुंडा ने ही भिजवाए थे विस्फोटक

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Published: Thu, 22 Aug 2013 03:26 AM (IST)Updated: Thu, 22 Aug 2013 03:29 AM (IST)

अमृतसर में 31 दिसंबर, सन् दो हजार नौ को सर्किट हाउस के समीप हिंदू ढाबे के बाहर कार में लदे ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अमृतसर में 31 दिसंबर, सन् दो हजार नौ को सर्किट हाउस के समीप हिंदू ढाबे के बाहर कार में लदे विस्फोटक लश्कर आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा ने ही भिजवाए थे। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि बीकेआइ (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) के मुखिया वधावा सिंह के कहने पर उसने अपने नेटवर्क का प्रयोग कर पाकिस्तान से विस्फोटक भिजवाए थे। पंजाब पुलिस ने कार से दस किलोग्राम आरडीएक्स बरामद किया था। कार स्टार्ट करते ही विस्फोटक फट जाता।

स्पेशल सेल के उपायुक्त संजीव यादव के अनुसार, इस सिलसिले में पंजाब पुलिस की एक टीम टुंडा से पूछताछ करने आई हुई है। अधिकारियों के अनुसार, आतंकी ने बताया कि इस मामले में नाम आने के बाद बीकेआइ आतंकी रतनदीप सिंह नेपाल भाग गया था। वह पाकिस्तान जाने का प्रयास कर रहा था। तब पाकिस्तान में मौजूद वाधवा सिंह ने टुंडा से मदद मांगी थी। टुंडा ने बताया कि नेपाल के एजेंट फर्जी पासपोर्ट तैयार करने के लिए रतनदीप से काफी रुपये मांग रहे थे। उतने रुपये उसके पास नहीं थे। टुंडा ने नेपाल में मौजूद अपने नेटवर्क का प्रयोग कर रतनदीप को पाकिस्तान बुलवाया था। बीकेआइ के लिए उसने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन से पूर्व आतंकी वारदात के लिए विस्फोटक भेजने की कोशिश की थी। लेकिन बांग्लादेश सीमा पर विस्फोटकों की खेप पकड़ी गई थी।

खुला घूमता है वाधवा सिंह

अधिकारियों के अनुसार, टुंडा ने बताया कि पाकिस्तान में बीकेआइ चीफ वाधवा सिंह के कहीं आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। वह और रतनदीप कहीं भी आ-जा सकते हैं। उसने कई बार दोनों को कराची और लाहौर में घूमते हुए देखा है। टुंडा ने यह भी बताया कि वह उन दोनों को जानता जरूर है, लेकिन उनकी साजिश की जानकारी उसे नहीं होती थी। बीकेआइ की फंडिंग के बारे में उसे जानकारी नहीं है।

सार्वजनिक जगहों पर नहीं दिखता दाऊद

टुंडा ने बताया कि भारत द्वारा मोस्ट वांटेड बीस आतंकियों की लिस्ट पाकिस्तान को सौंपे जाने के बाद दाऊद इब्राहिम सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने से परहेज करता है। माना जा रहा है कि आइएसआइ ने दाऊद के खुलेआम घूमने पर पाबंदी लगा दी है। टुंडा ने बताया कि वह कई बार दाऊद से मिला है, लेकिन उसके किसी ऑपरेशन में वह शामिल नहीं रहा। दाऊद से उसकी आखिरी मुलाकात वर्ष 2002 में हुई थी।

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