यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बदायूं कांड : शामिल हो सकते हैं गांववाले, पांच आरोपियों को क्लीनचिट
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) उप्र के बदायूं में दो किशोरियों से बलात्कार व हत्या के मामले में उसी गांव के ...और पढ़ें

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) उप्र के बदायूं में दो किशोरियों से बलात्कार व हत्या के मामले में उसी गांव के कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले की जांच को गलत दिशा देने के लिए परिवार वालों की भूमिका की लाइ डिटेक्टर जांच में भी पुष्टि हुई है। इस बीच आरोप में गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों को जांच के दौरान क्लीन चिट दे दी गई है।
सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक मामले में किशोरियों के परिवार वालों की भूमिका तो संदिग्ध है ही, उनके गांव के कुछ लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। जांच एजेंसी को अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि परिवार वालों को सिर्फ दोषियों के बारे में जानकारी है या उनके साथ किसी तरह की मिलीभगत भी है। जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच से लगता है कि इसमें परिवार के बाहर के भी कुछ लोग शामिल थे। अब तक के प्रमाण साफ संकेत दे रहे हैं कि मामले में जांच को गलत मोड़ देने के लिए परिवार वाले दोषी हैं।
पहले मिले सुबूतों के अलावा लाइ डिटेक्टर जांच में भी दोनों लड़कियों के पिता, एक गवाह और एक रिश्तेदार की बातों का झूठ पकड़ में आया है। इन चारों ने इस मामले में कुछ लोगों पर आरोप लगाया था। जांच एजेंसी का कहना है कि इसका यह मतलब नहीं निकाला जा सकता कि अनिवार्य रूप से हत्या में इन्हीं लोगों का हाथ है। बल्कि इस बात की आशंका ज्यादा है कि मामले में गांव के ही कुछ अन्य लोग शरीक रहे हों। अब लाइ डिटेक्टर जांच की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल, गत मई माह में बदायूं में दो किशोरियों के शव पेड़ से लटके मिले थे। पोस्टमार्टम में उनके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। परिवार वालों की शिकायत पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सीबीआइ जांच में मामला उलझता जा रहा है।
