यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किशोरी के पिता व चाचा से पूछताछ

जागरण संवादाता, बदायूं : पांचों आरोपियों की पोलीग्राफ व दो अन्य टेस्ट रिपोर्टे आने के बाद सीबीआइ ने अब जांच की दिशा पीड़ित पक्ष की ओर केंद्रित कर दी है। सीबीआइ के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि इस मामले में झूठी एफआइआर दर्ज करवाने के पीछे क्या राज है। सोमवार को सीबीआइ की टीम ने कटरा सआदतगंज पहुंचकर किशोरी के पिता सोहन लाल व चाचा रामबाबू को अपने साथ कैंप कार्यालय लाकर लंबी पूछताछ की। सीबीआइ दूसरी किशोरी के पिता जीवनलाल को भी पूछताछ के लिए लाना चाहती थी, लेकिन वे अस्वस्थता के कारण नहीं आ सके।
कटरा सआदतगंज कांड में पांचों आरोपियों की टेस्ट रिपोर्टो में हूबहू पहले दिया गया बयान मिलने से सीबीआइ की जांच की दिशा पीड़ित पक्ष की ओर घूम गई है। पीड़ित पक्ष की ओर से शुरू से दिए जा रहे बयानों में जहा कई विरोधाभास मिल रहे हैं, वहीं कई साक्ष्य छिपाने की बात भी सामने आई है। सोमवार को सीबीआइ टीम सुबह कटरा सआदतगंज पहुंची और दोनों किशोरियों के पिता सोहन लाल व जीवन लाल तथा चाचा रामबाबू से पूछताछ के लिए कैंप कार्यालय चलने को कहा। बताते हैं कि जीवन लाल ने अस्वस्थ बताते हुए चलने में असमर्थता जाहिर की तो सीबीआइ टीम सोहनलाल व रामबाबू को साथ लेकर कैंप कार्यालय आई। सीबीआइ को संदेह है कि पीड़ित पक्ष के पास वारदात से जुड़ी ऐसी कुछ जानकारियां जरूर हैं, जिसे वह छिपा रहा है। इससे दो दिन पहले सीबीआइ ने रामबाबू से कटरा सआदतगंज में ही पूछताछ की थी और मुख्य गवाह बाबूराम नजरू को कैंप कार्यालय लाकर पूछताछ की थी। रविवार को भी पीड़ित पक्ष से ही जुड़े गांव के दो लोगों को कैंप कार्यालय लाकर सीबीआइ ने पूछताछ की थी।
