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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्सलियों पर अंतिम प्रहार का फैसला

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Published: Sat, 23 Nov 2013 06:18 AM (IST)Updated: Sat, 23 Nov 2013 09:33 AM (IST)

नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) की बैठक में नक्सलियों पर अंतिम प्रहार का फैसला लिया गया है। सभी ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) की बैठक में नक्सलियों पर अंतिम प्रहार का फैसला लिया गया है। सभी राज्यों के डीजीपी की बैठक का उद्घाटन करते हुए खुफिया ब्यूरो (आइबी) प्रमुख आसिफ इब्राहिम ने नक्सलियों की ताकत बनी रहने पर चिंता जताई थी। तीन दिन तक चलने वाली बैठक के समापन सत्र को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संबोधित करेंगे।

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उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी की अलग से बैठक हुई। बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने नक्सलियों के बड़े नेताओं और उसके सैन्य दस्ते को निशाना बनाने की जरूरत पर दिया। इसके लिए इन राज्यों को आंध्रप्रदेश के ग्रेहाउंड के तर्ज पर नक्सल विरोधी विशेष दस्ते के गठन में तेजी लाने को कहा गया। इसके अलावा इन राज्यों को नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस थानों की संख्या बढ़ाने और उन्हें अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित करने की सलाह दी गई है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना था कि पुलिस की गैरमौजूदगी के कारण नक्सली यहां प्रभाव जमाने में सफल हुए हैं।

इसके साथ ही सभी डीजीपी नक्सली समर्थक बुद्धिजीवियों पर लगाम लगाने के प्रस्ताव पर सहमत थे। ध्यान देने की बात है कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में इन बुद्धिजीवियों को नक्सली लड़ाकों से ज्यादा खतरनाक बताया था। पिछले तीन सालों में नक्सली हिंसा में लगातार कमी आई है और इससे सुरक्षा एजेंसियों के हौसले बुलंद हैं।

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