विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी की युवा IAS अधिकारियों को सलाह, 'निर्भीक होकर करें काम'

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 02 Aug 2016 05:29 PM (IST)Updated: Tue, 02 Aug 2016 08:13 PM (IST)

पीएम मोदी ने युवा आईएएस अधिकारियों से निर्भीक होकर काम करने को कहा है। उन्‍होंने आज कहा कि वह अपने ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा आईएएस अधिकारियों को निर्भीक होकर काम करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों से तालमेल बनाते हुए उनसे हर गंभीर विषय पर सलाह लें। वेे अपना काम पूरी इमानदारी और निष्ठा से करें। भारतीय प्रशासनिक सेवा 2014 के बैच को संबोधित करते हुए उन्होंने आज यह बातें कहीं।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनके पास अपने को निखारने का यह सुनहरा अवसर है। इसके अलावा ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने जो कुछ सीखा है उस पर काम करने का भी यह सही समय है। अगले तीन महीने अपनी मेहनत और निष्ठा के दम पर काफी कुछ सीखा जा सकता है। अपने इस संबोंंधन में उन्होंने सभी अधिकारियों को बेहतर कामकाज के लिए तकनीक ज्ञान का भी महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि बदलती तकनीक के साथ हम भी लगातार अपग्रेड होते रहे और अपनी कार्यशैली को भी अपग्रेड करते रहेंं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने साथियों से काम लेते समय कभी भी संंयम न खोंए और हमेशा अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ ही निर्भीक होकर काम करें। भारतीय प्रशासनिक सेवा के इन अधिकारियों को फिलहाल असिसटेंट सैक्रेटरी लगाया गया है। अधिकारियों सेे बात करते हुए उन्होंने 2013 के बैच को दिए कुछ टिप्स भी बताए। उन्होंने कहा कि केंद्र से शुरुआत करना उनके लिए काफी लाभदायक साबित होगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ-साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री सहायक सचिवों के उद्घाटन सत्र के दौरान 2014 बैच के आइएएस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। पीएमओ के बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से अगले तीन महीने को अपने कौशल के वैल्यू एडिशन में इस्तेमाल करने को कहा। जिस विभाग के वे जुड़े हैं उसके कामकाज के वैल्यू एडिशन का भी प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से कहा कि वे वरिष्ठों से भयभीत न हों। केंद्र सरकार में तीन महीने तक बतौर सहायक सचिव वे वरिष्ठ अधिकारियों से खुलकर और निडर होकर बातचीत करें।

'बाेंगो' या 'बांग्ला' हो सकता है पश्चिम बंगाल का नाम, कैैबिनेट ने लिया निर्णय