दुश्मनों के छक्के छुड़ाएगा कई खूबियों वाला आइएनएस कोलकाता
भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा युद्धपोत आइएनएस कोलकाता दुश्मनों के रडार को चकमा देने में तो सक्षम होगा ही, ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होने के कारण यह 400 किलोमीटर की दूरी तक मार भी कर सकेगा। प्रधानमंद्दी नरेंद्र मोदी के हाथों शनिवार को देश को समर्पित होने जा रहा यह पोत इस वर्ष स्वतंद्दता दिवस
मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा युद्धपोत आइएनएस कोलकाता दुश्मनों के रडार को चकमा देने में तो सक्षम होगा ही, ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होने के कारण यह 400 किलोमीटर की दूरी तक मार भी कर सकेगा।
प्रधानमंद्दी नरेंद्र मोदी के हाथों शनिवार को देश को समर्पित होने जा रहा यह पोत इस वर्ष स्वतंद्दता दिवस का उपहार माना जा रहा है। कईखूबियों से लैस इस पोत को मुंबई के ही मझगांव डॉकयार्ड में तैयार किया गया है। अपनी विशिष्ट बनावट के कारण यह दुश्मनों के रडार को चकमा देने में सक्षम है। नौसेना अधिकारियों के अनुसार 164 मीटर लंबा एवं 18 मीटर चौड़ा 7500 टन का यह पोत दुश्मनों के रडार पर किसी छोटी नौका जैसा दिखाई देगा। जिसके दम पर यह उन्हें भ्रमित करता हुआ उनके काफी नजदीक पहुंचकर हमला कर सकता है।
इस पर स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती भारत को दुनिया के उन चंद देशों की कतार में खड़ा कर देती है, जो अपनी नौसेना के युद्धपोत से 400 किलोमीटर तक निशाना साध सकते हैं। ब्रह्मोस के अलावा कम दूरी तक मार कर सकनेवाली मिसाइलों एवं अतिसंवेदनशील रडार भी इस पोत की विशिष्टता में चार चांद लगा रहे हैं।
नौसेना के दो सी-किंग हेलीकॉप्टर अपने साथ ले चल सकने की क्षमता वाले आइएनएस कोलकाता की रफ्तार 30 नॉटिकल मील प्रति घंटा होगी। ऊर्जा आपूर्ति के लिए इसमें लगे चार गैस टर्बाइन जेनरेटर एवं एक डीजल ऑल्टरनेटर किसी छोटे-मोटे शहर को भी रोशन करने की क्षमता रखते हैं। इस पर 30 अधिकारी एवं 330 नौसैनिक तैनात होंगे।
इसका नामकरण भारत के सांस्कृतिक शहर कोलकाता के नाम पर किया गया है और इसका घोष वाक्य है-युद्धाय सर्वसन्नद्ध अर्थात युद्ध के लिए सदा तैयार। बता दें कि आइएनएस कोलकाता श्रेणी के ही स्वदेश निर्मित दो और विध्वंसक युद्धपोत कोच्चि एवं चेन्नई भी कुछ ही वर्षो में भारतीय नौसेना को प्राप्त हो जाएंगे।
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