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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कन्नड़ सीखें कर्नाटक में रह रहे बाहरी लोग

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Published: Fri, 01 Nov 2013 10:05 PM (IST)Updated: Fri, 01 Nov 2013 10:09 PM (IST)

दक्षिण भारत में एकबार फिर से भाषाई राजनीति को हवा देने की कोशिश शुरू हो गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने शुक्रवार को राज्य के 5

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बेंगलूर। दक्षिण भारत में एकबार फिर से भाषाई राजनीति को हवा देने की कोशिश शुरू हो गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने शुक्रवार को राज्य के 58वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार की सुविधाओं का फायदा उठाने वाले बाहरी लोगों को कन्नड़ भाषा सीखनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली व्यवसायिक गतिविधियों तक सिमट गई है।

सिद्दरमैया ने कहा, 'जो लोग बाहर (अन्य प्रदेशों) से आकर यहां बसे हैं, उन्हें स्थानीय भाषा कन्नड़ सीखनी चाहिए। राज्य सरकार की सुविधाओं का फायदा उठाने वाले लोगों को स्थानीय भाषा और संस्कृति के बारे में जानना चाहिए।' छात्रों की कमी से जूझ रहे कन्नड़ स्कूलों को बंद करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इन स्कूलों को किसी भी वजह से बंद नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक उनकी सरकार ने ऐसे स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली का फायदा अंग्रेजी माध्यम के स्कूल उठा रहे हैं। बेलगाम को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने कर्नाटक स्थापना दिवस को काला दिवस के तौर पर मनाया।

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