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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओबामा दौरे पर आतंकी निशाने पर दिल्ली

By Sachin kEdited By:
Published: Thu, 22 Jan 2015 05:16 AM (IST)Updated: Thu, 22 Jan 2015 08:37 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के दौरान लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में आतंकी हमले की फिराक में है। इसके लिए उसके ...और पढ़ें

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नीलू रंजन, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के दौरान लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में आतंकी हमले की फिराक में है। इसके लिए उसके छह-सात आतंकी पिछले हफ्ते कश्मीर घाटी में घुसपैठ कर चुके हैं। आतंकियों के दिल्ली में धमाके की तैयारी के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। खुफिया एजेंसियां इन आतंकियों के वायरलेस पर सीमा पार स्थित आकाओं से बातचीत सुनने में सफल रही हैं। लेकिन आतंकियों के असली ठिकाने का पता लगाने में अब तक कामयाबी नहीं मिली है।


सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीमा पर तमाम चौकसी के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा के तकरीबन सात आतंकी भारतीय सीमा में घुसने में कामयाब रहे हैं। सीमा पार अपने आकाओं से वायरलेस सेट पर बातचीत करते इन आतंकियों को सुना गया है। इस बातचीत से साफ है कि ये आतंकी घाटी के बजाय ओबामा की यात्रा के दौरान दिल्ली में बड़े हमले की साजिश के लिए घाटी में आए हैं। लेकिन वायरलेस की बातचीत से उनके छिपे होने की असली जगह का पता नहीं लग पा रहा है। वैसे सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकियों को ढूंढ निकालने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं।


घाटी में घुसे आतंकी सीमा पार अपने आकाओं के साथ वायरलेस पर बात कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सीमा के अंदर अपने संपर्कों का निशान नहीं छोड़ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह सुरक्षा एजेंसियों की निगाह से बचने की आतंकियों की नई चाल है। आशंका यह भी है कि ये आतंकी घाटी में अपने साथियों से संपर्क साध चुके होंगे और दिल्ली पहुंचने की कोशिश में होंगे। वैसे आतंकी हमले के लिए दिल्ली में पहले से मौजूद किसी स्लीपर सेल को सक्रिय करने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां सभी आयामों की जांच कर रही हैं।


पिछले हफ्ते खुफिया एजेंसियों ने पाक अधिकृत कश्मीर में 200 आतंकियों के सीमा पर घुसपैठ के लिए तैयार होने के प्रति आगाह किया था। इसके मद्देनजर नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई थी। अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी के लिए बीएसएफ की अतिरिक्त कंपनियां भी लगाई गई हैं।

सुरक्षा के लिए विशेष दल गठित :

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान कड़े और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम का दावा किया। बताया जा रहा है कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ओबामा को सात स्तर की सुरक्षा दी जाएगी। ओबामा की सुरक्षा के लिए एक विशेष दल का गठन भी किया गया है, जो राजपथ के साथ-साथ इसके आसपास के क्षेत्र पर भी पैनी नजर रखेगा।

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