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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा में जाट आरक्षण के फार्मूले पर नहीं बनी सहमति

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Thu, 17 Mar 2016 04:37 AM (IST)Updated: Thu, 17 Mar 2016 04:53 AM (IST)

हरियाणा में जाट समुदाय को आरक्षण देने का बिल फिलहाल लटक गया है। मनोहर सरकार के मंत्रियों के बीच जाट ...और पढ़ें

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चंडीगढ़। हरियाणा में जाट समुदाय को आरक्षण देने का बिल फिलहाल लटक गया है। मनोहर सरकार के मंत्रियों के बीच जाट आरक्षण के प्रारूप पर सहमति नहीं बन पाई है, जिस कारण बिल पेश होने में अभी कुछ समय और लग सकता है। राज्य सरकार जाट आरक्षण के प्रारूप पर कैबिनेट की बैठक बुलाकर पहले सहमति लेगी। फिर विधानसभा में बिल पेश किया जाएगा।

हरियाणा सरकार ने इसी बजट सत्र में जाट समुदाय को आरक्षण देने का भरोसा दिला रखा है। मुख्य सचिव डीएस ढ़ेसी की अध्यक्षता वाली आइएएस अधिकारियों व कानूनविदों की कमेटी भी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। ढेसी कमेटी ने बीसी-सी अलग श्रेणी बनाकर 10 फीसद आरक्षण देने का सुझाव दिया है। हालांकि ढेसी कमेटी के पास दो सुझाव और आए थे, जिनमें बीसी-बी श्रेणी के 11 फीसद आरक्षण में तीन फीसद आरक्षण जोड़कर इसे 14 फीसद करने का सुझाव शामिल है।

मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव समेत कई उच्च अधिकारियों की बैठक में सहमति बना ली गई थी कि बुधवार को जाट आरक्षण विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। दोपहर एक बजे तक इसकी संभावना बनी रही, लेकिन विधेयक के प्रारूप पर सहमति नहीं बन पाने की वजह से इसे टाल दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेशन की सीटिंग खत्म होते ही सभी मंत्रियों को औपचारिक बातचीत के लिए बुला लिया।

मुख्यमंत्री ने एसवाईएल के साथ-साथ जाट आरक्षण विधेयक के प्रारूप पर मंत्रियों के साथ मंत्रणा की। कुछ गैर जाट मंत्री आरक्षण के फार्मूले पर सहमत नहीं थे, जबकि कुछ ने कहा कि विधानसभा में विधेयक पेश करने से पहले यदि कैबिनेट में मंजूर करा लिया जाए तो विवाद की स्थिति नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने अब निर्णय लिया है कि विधेयक का प्रारुप ऐसा तैयार होगा, जिससे सभी सहमत हों। ऐसे में अब गुरुवार को भी जाट आरक्षण विधेयक पेश नहीं हो सकेगा, जबकि शुक्रवार को बजट है।

यशपाल मलिक को गिरफ्तार करे सरकार : कैप्टन

हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि जाट संगठनों पर सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। वे फिर से राज्य की कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि सरकार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करे और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटे। कैप्टन ने उत्तर प्रदेश के जाट नेता यशपाल मलिक को भी तुरंत गिरफ्तार किए जाने की मांग की है, ताकि वे दूसरे प्रदेश से हरियाणा में आकर यहां शांति भंग न कर सकें।